A
  1. Hindi News
  2. वायरल न्‍यूज
  3. एक ही ट्रेन को क्यों मिलते हैं 2 अलग-अलग नंबर? रोज सफर करने वाले भी नहीं जानते होंगे जवाब

एक ही ट्रेन को क्यों मिलते हैं 2 अलग-अलग नंबर? रोज सफर करने वाले भी नहीं जानते होंगे जवाब

आपने अगर ट्रेन से खूब सफर किया है तो क्या आपने कभी गौर किया है एक ही ट्रेन के पास दो अलग-अलग नंबर होते हैं जो डिब्बों पर लिखे होते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि ऐसा क्यों होता है।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
Image Source : ERAIL.IN प्रतीकात्मक फोटो

भारत में रहने वाले लोगों ने कभी ट्रेन से सफर नहीं किया होगा, ऐसा मानना बहुत मुश्किल है। कुछ गिने-चुने लोग ही ऐसे होंगे जिन्होंने कभी ट्रेन में सफर नहीं किया होगा मगर ऐसा तो जरूर हुआ होगा कि वो रेलवे स्टेशन जरूर गए होंगे। इंडिया में जब भी कोई कहीं जाता है तो एक-दो लोग उसे छोड़ने के लिए रेलवे स्टेशन जरूर जाते हैं। इन्हीं दो कारणों से हर किसी ने ट्रेन को काफी करीब से देखा है और आपने भी देखा ही होगा। लेकिन क्या आपने इतने करीब से ट्रेन को देखा है कि ट्रेन को मिले दो अलग-अलग नंबर को आपने नोटिस किया हो? और अगर नोटिस किया भी है तो क्या आप यह जानते हैं कि दो अलग-अलग नंबर क्यों दिया जाता है।

एक ही ट्रेन को दो नंबर क्यों मिलता है?

हर एक ट्रेन को दो नंबर मिले होते हैं जो उसके डिब्बे पर दिखते हैं। जहां ट्रेन के नाम और उसके रूट के बारे में लिखा होता है, वहीं पर उसके दोनों नंबर लिखे होते हैं। उदाहरण के लिए लिच्छवी एक्सप्रेस के पास दो नंबर है जो 14005 और 14006 है। अब सवाल यह है कि एक ही ट्रेन को दो नंबर क्यों मिलते हैं। आइए आपको बताते हैं। दरअसल ट्रेन को मिले दो नंबर उसकी दिशा यानी अप और डाउन को दर्शाती है। एक नंबर UP के लिए तो दूसरा नंबर Down के लिए होता है। अगर कोई ट्रेन A से B तक जा रही है तो उसके लिए एक नंबर होगा और वही ट्रेन जब B से A तक आएगी तो उसके लिए दूसरा नंबर होता है। इसी वजह से आपने ऊपर वाले ट्रेन नंबर में देखा होगा कि सिर्फ एक अंक का ही फर्क है।

नंबर का पहला अंक क्या बताता है?

आपको बता दें कि हर ट्रेन को मिले नंबर का पहला अंक उसके बारे में कुछ बताता है। उदाहरण के लिए अगर ट्रेन के नंबर का पहला अंक 0 है तो उसका मतलब कि वह ट्रेन स्पेशल है और शॉर्ट-टर्म के लिए चलती है। वहीं अगर पहला नंबर 1 है तो उसका मतलब ट्रेन लंबी दूरी के लिए है। अगर पहला नंबर 2 है तो उसका मतलब वो ट्रेनें भी लंबी दूरी के लिए हैं मगर इनका यूज प्रीमियम ट्रेनों के लिए होते हैं। वहीं अगर यह नंबर 3 है तो मतलब वो कोलकाता सबअर्बन ट्रेन है। अगर 4 लिखा है तो मतलब वो चेन्नई, नई दिल्ली और दूसरे मेट्रोपॉलिटन एरिया में सबअर्बन ट्रेन हैं।

वहीं अगर पहला नंबर 5 है तो उसका मतलब वो कन्वेंशनल कोच वाली पैसेंजर ट्रेन है। अगर पहले नंबर पर 6 लिखा है तो उसका मतलब वो MEMU ट्रेनें हैं। वहीं अगर 7 लिखा है तो उसका मतलब वो ट्रेन DMU (DEMU) और रेलकार सर्विस वाली है। वहीं अगर 8 लिखा है तो वो रिजर्व ट्रेन है और अगर 9 लिखा है तो उसका मतलब वो ट्रेन मुंबई एरिया की सबअर्बन ट्रेन है। वहीं ट्रेन के नंबर में आने वाला दूसरा और तीसरा नंबर Zonal Codes/ Zonal Divisions बताता है और चौथा एवं पांचवां नंबर ट्रेन का सीरियल नंबर होता है। उम्मीद है कि अब आपको ट्रेन के नंबर के बारे में सब पता चल गया होगा।

नोट: इस आर्टिकल में दी गई सारी जानकारी अलग-अलग रिपोर्ट्स के आधार पर है और इंडिया टीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है।

ये भी पढ़ें-

ट्रैक्टर के पीछे के 2 पहिए बड़े ही क्यों होते हैं? आज जान लीजिए इसके पीछे का कारण

प्लेटफॉर्म खाली होने पर भी आउटर पर क्यों रुकती है ट्रेन? शायद ही कोई जानता होगा जवाब