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हर महीने 1500 रुपये, 'बांग्लार युवा साथी' के लिए युवाओं की लगी लंबी लाइन, जानिए क्या है ये योजना?

बांग्लार युवा साथी योजना के तहत हर महीने 1500 रुपये लेने के लिए पात्रता भी तय की गई है। इस योजना से युवा तो खुश हैं ही परिजन भी काफी गदगद नजर आ रहे हैं। वहीं, कुछ राजनीतिक लोगों ने इसे चुनावी योजना बताई है।

बांग्लार युवा साथी योजना- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK AND PTI बांग्लार युवा साथी योजना

पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले ममता सरकार की नई योजना 'बांग्लार युवा साथी' चर्चा में है। इस योजना के तहत 21 से 40 साल के बेरोजगार को अगले 5 साल तक हर महीना 1500 रुपये मिलेंगे। इस योजना के लिए रविवार (15 फरवरी) से आवेदन शुरू किए गए हैं।

स्टूडेंट के लिए एक अच्छी योजना

इसके फॉर्म के लिए युवाओं की लंबी-लंबी लाइन देखने को मिल रहीं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जो लोग अभी स्टूडेंट्स हैं, उनके लिए ये एक अच्छी योजना है। क्योंकि खर्च चलाने के लिए अच्छी मुहिम है, लेकिन साथ इंप्लायमेंट जनरेट भी होना चाहिए। 

सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में लगेंगे शिविर

जानिए ममता सरकार की'बांग्लार युवा साथी' योजना क्या है? पश्चिम बंगाल सरकार ने रविवार को अपनी नई बांग्लार युवा साथी योजना के लिए राज्यव्यापी नामांकन अभियान शुरू किया है। इसके तहत 15 से 26 फरवरी तक सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में शिविर लगाए जाएंगे। 

हर महीने दिए जाएंगे 1500 रुपये

इस पहल का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को प्रति माह 1,500 रुपये का प्रत्यक्ष लाभ देना है। साथ ही साथ स्वनिर्भर बांग्ला कल्याणकारी अभियान के तहत लक्ष्मी भंडार और कृषि श्रमिक सहायता के लिए भी आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

अप्रैल से ही शुरू हो जाएगी राशि का वितरण

2026-27 के मतदान में घोषित बांग्लार युवा साथी योजना के तहत माध्यमिक उत्तीर्ण और अधिसूचित आयु वर्ग में आने वाले बेरोजगार लोगों को प्रति माह 1500 रुपये की राशि दी जाएगी। योजना के तहत 1 अप्रैल से राशि का वितरण शुरू होगा, जो पहले 15 अगस्त को निर्धारित था। 

लगभग 27-28 लाख युवा इस योजना के लिए पात्र 

यह वित्तीय सहायता अधिकतम पांच सालों तक या लाभार्थियों को रोजगार मिलने तक उपलब्ध रहेगी। सरकार का अनुमान है कि राज्य भर में लगभग 27-28 लाख युवा इस योजना के लिए पात्र हो सकते हैं। 

कुछ लोग बता रहे ममता का चुनावी स्टंट

हालांकि हाल, के श्रम सर्वेक्षणों में पश्चिम बंगाल की बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से कम रही है। अधिकारियों का तर्क है कि एक निश्चित मासिक वजीफा युवाओं को कम वेतन वाली अनौपचारिक नौकरियों में जाने के बजाय नौकरी की तलाश या कौशल प्रशिक्षण जारी रखने में मदद कर सकता है।  वहीं, कुछ राजनीतिक विश्लेषक इस योजना को 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले युवाओं को लुभाने वाले एक महत्वपूर्ण वादे के रूप में भी देखते हैं।