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अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर चला बुलडोजर, कुछ दिन पहले दी गई थी नोटिस

टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर बुलडोजर एक्शन हुआ है। जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पहले ही इसे लेकर नोटिस दी गई थी, लेकिन उचित जवाब नहीं मिलने के बाद बुलडोजर एक्शन हुआ है।

अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर चला बुलडोजर।- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर चला बुलडोजर।

साउथ 24 परगना: टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर बुलडोजर चल रहा है। साउथ 24 परगना में अभिषेक बनर्जी के आमतला दफ्तर पर ये कार्रवाई हुई है। आरोप है कि यह दफ्तर बिना परमिशन के बनाया गया था। जिसके बाद अब कार्रवाई हुई है। अभिषेक बनर्जी का ये 5 मंजिला दफ्तर अब जमीदोंज किया जा रहा है। इससे पहले 30 जून को अभिषेक बनर्जी को पहला नोटिस भेजा गया था, वहीं जवाब नहीं मिलने के बाद अब कार्रवाई हो रही है।

बता दें कि मौके पर अभिषेक बनर्जी के दफ्तर के बाहर 3 बुलडोजर मौजूद हैं। इसके साथ ही इस वक्त ये बुलडोजर फुल स्पीड में काम कर रहे हैं। बता दें कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ये दफ्तर बंद था। जिला प्रशासन के मुताबिक ये दफ्तर अवैध तरीके से बनाया गया था। जिला प्रशासन ने बताया कि यह दफ्तर बिना किसी दस्तावेज के बना है और नोटिस के बाद कोई भी सही कागज पेश नहीं किया गया।

अमतला कार्यालय पर चला बुलडोजर

दरअसल, डायमंड हार्बर के तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला कार्यालय को प्रशासन तोड़ रहा है। शनिवार दोपहर के बाद से ही उस कार्यालय के सामने पुलिस और केंद्रीय बलों की उपस्थिति देखी गई थी। कुछ समय पहले 3 बुलडोजर भी लाए गए। उसके बाद ही अभिषेक बनर्जी के कार्यालय को तोड़ने का काम शुरू हुआ।

दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने पहली बार 30 जून को अभिषेक बनर्जी के अमतला कार्यालय में नोटिस भेजा था। उस नोटिस में कार्यालय निर्माण से संबंधित विभिन्न दस्तावेजों और अनुमति के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया था। बाद में 7 जुलाई को एक और नोटिस दिया गया। साथ ही 15 जुलाई को जिला प्रशासन के कार्यालय में उपस्थित होकर इस मामले में जवाब देने का निर्देश भी दिया गया था।

नोटिस का नहीं मिला जवाब

प्रशासन के सूत्र ने दावा किया है कि लगातार दो नोटिस भेजे जाने के बावजूद उनका कोई जवाब नहीं दिया गया। जिला प्रशासन के कार्यालय में भी अभिषेक बनर्जी उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद प्रशासन ने और कड़े कदम उठाने का फैसला किया। परिणामस्वरूप, शनिवार को तृणमूल नेता का कार्यालय तोड़ा जा रहा है। 

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