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पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान हटे वोटरों के नाम सार्वजनिक, चुनाव आयोग ने ऑनलाइन डाली सूची

चुनाव आयोग की ओर से सूची ऑनलाइन उपलब्ध कराने का उद्देश्य प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और मतदाताओं को अपने नाम की स्थिति जांचने की सुविधा देना है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : PTI सांकेतिक तस्वीर

पश्चिम बंगाल में जिन लोगों के नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में हटाए गए हैं, उनके नाम एक जगह पर डाल कर सार्वजनिक किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में उन मतदाताओं के नामों की सूची ऑनलाइन उपलब्ध करा दी है, जिनके नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत होने के कारण हटाए दिए गए थे।

योग्य मतदाताओं की पहचान करने के प्रयास तेज करें

एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि जिन योग्य लोगों के नाम इन श्रेणियों में होने के कारण मतदाता सूची से छूट गए हैं, वे ऑनलाइन फॉर्म 6 जमा करके या अपने बूथ स्तर अधिकारी के माध्यम से दोबारा अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।  निर्वाचन आयोग ने बूथ स्तर के अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया है कि वे उन योग्य मतदाताओं की पहचान करने के प्रयास तेज करें, जिनके नाम विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से छूटने की आशंका है। 

जमा कर सकते हैं ऑनलाइन फॉर्म 6

उन्होंने कहा, "अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या हटाए गए मतदाताओं के नामों की सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट के साथ-साथ संबंधित जिलों के निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइट पर दिए गए संपर्क सूत्रों के माध्यम से भी उपलब्ध है। किसी भी पात्र मतदाता को अगर यह लगता है कि उसका नाम सूची से छूट गया है, तो वह मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए ऑनलाइन फॉर्म 6 जमा कर सकता है या बूथ स्तर अधिकारी से संपर्क कर सकता है।"  फॉर्म 6 के जरिए कोई व्यक्ति मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन करता है। 

SIR के दौरान हटाए गए थे लाखों नाम

बता दें कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान लाखों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इन नामों को अलग-अलग कारणों के आधार पर सूची से हटाया गया।

SIR की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता सामने आए, जिनके बारे में रिकॉर्ड में मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित या डुप्लीकेट होने जैसी स्थिति दर्ज थी। चुनाव आयोग ने इन श्रेणियों के आधार पर मतदाता सूची को अपडेट किया।

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