कोलकाताः भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बंदरगाह के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल और परिचालन सतर्कता में बढ़ोतरी की गई है। पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय और पोत परिवहन महानिदेशालय के निर्देशों के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई है।
जलमार्ग मंत्रालय के सचिव ने की हाई लेवल मीटिंग
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव टी.के.रामचंद्रन द्वारा सभी बंदरगाह अधिकारियों के साथ डिजिटल माध्यम से एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कोलकाता बंदरगाह के अध्यक्ष राथेंद्र रमन, उपाध्यक्ष सम्राट राही, वरिष्ठ सीआईएसएफ कमांडेंट रुचि आनंद और विभागीय प्रमुखों सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के बाद, बंदरगाह के अध्यक्ष ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा के लिए बैठक की और कई उपायों की घोषणा की।
कर्मचारियों को दिए गए दिशा-निर्देश
सभी कर्मियों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यद्यपि कोलकाता बंदरगाह देश के पूर्वी भाग में स्थित है और सुरक्षा संबंधी खतरे मुख्य रूप से पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में हैं, फिर भी कोलकाता बंदरगाह सुरक्षा के मोर्चे पर कोई लापरवाही नहीं बरत रहा है। राथेंद्र रमन ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह, कोलकाता में हमारे लोगों, संपत्ति और जहाजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति को देखते हुए, सतर्क और तैयार रहना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बंदरगाह ने 10 मई से 14 मई तक संविदा कर्मचारियों सहित सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। उन्हें उनके साप्ताहिक अवकाश के दिनों में भी मुख्यालय में रहने का निर्देश दिया गया है।
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में ड्रोन से हवाई हमले किया जिसका जवाब भारतीय सेना ने दिया। दुश्मन के सारे ड्रोन मार गिराए गए।
(भाषा इनपुट के साथ)