1. Hindi News
  2. पश्चिम बंगाल
  3. नाबालिगों को पैसे देकर रक्तदान कराने वाला मुख्य आरोपी किंशुक मुखर्जी गिरफ्तार

नाबालिगों को पैसे देकर रक्तदान कराने वाला मुख्य आरोपी किंशुक मुखर्जी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में स्कूल के नाबालिग छात्रों को पैसों का लालच देकर उनसे अवैध रूप से रक्तदान कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य सूत्रधार किंशुक मुखर्जी को ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार कर लिया है।

west bengal- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT नाबालिगों को पैसे देकर रक्तदान कराने वाला मुख्य आरोपी किंशुक मुखर्जी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में नाबालिग छात्रों को पैसों का लालच देकर रक्तदान कराने के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। बता दें अगस्त में ही इस मामले में 3 अन्य लोग पहले ही गिरफ्तार किये जा चुके हैं। लेकिन अब इस केस के मुख्य सूत्रधार किंशुक मुखर्जी की गिरफ्तारी हुई है। बता दें इस आरोपी को ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि दुर्गापुर के विधाननगर स्थित एक निजी अस्पताल में इस्पात नगरी के एक निजी स्कूल के कुछ नाबालिग छात्रों से रक्तदान कराया गया। इसके बदले उन्हें पैसे का लालच दिया गया था। मामला सामने आने के बाद दुर्गापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस के सामने कई अहम जानकारियां सामने आईं। सबसे पहले स्कूल के पूर्व छात्र देवप्रिय चक्रवर्ती का नाम सामने आया। आरोप है कि देवप्रिय ही नाबालिग छात्रों को आर्थिक लालच देकर अस्पताल ले जाता था। पूछताछ में देवप्रिय ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि उसे इस काम में अन्य लोगों के माध्यम से शामिल किया गया था। इसके बाद जांच में तृणमूल छात्र परिषद के सदस्य अमित प्रसाद यादव का नाम सामने आया। साथ ही मालदा निवासी मोहम्मद हबीबुल्लाह के भी इस मामले से जुड़े होने की बात सामने आई।

ओडिशा से किया गया गिरफ्तार

हालांकि, जांच में किंशुक मुखर्जी का नाम सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। किंशुक का घर दुर्गापुर के विधाननगर में है, लेकिन घटना के बाद वह ओडिशा चला गया था। पुलिस ने ओडिशा में अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। अब किंशुक को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नाबालिग छात्रों को रक्तदान के लिए किस तरह और किन लोगों के माध्यम से जुटाया जाता था, पैसे देने की व्यवस्था कैसे की जाती थी, उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और इस पूरे मामले में और कितने लोग शामिल हैं। पुलिस पूरे मामले के पीछे किसी बड़े संगठित गिरोह की भूमिका का भी पता लगाने में जुटी हुई है। 

(रिपोर्ट- बीजू मंडल)