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फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं नंदीग्राम की 'जंग'! जब अपने ही खास रहे नेता सुवेंदु से बाजी हार गईं ममता बनर्जी

Nandigram Election 2021: पश्चिम बंगाल के पिछले विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम में पटखनी दी थी। पढ़िए इस हाई-प्रोफाइल चुनावी जंग की दिलचस्प कहानी।

Mamata Banerjee Vs Suvendu Adhikari- India TV Hindi
Image Source : PTI (फाइल फोटो) 2021 के चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हरा दिया था।

Mamata Banerjee Vs Suvendu Adhikari: साल 2021 का पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव, पूरे भारत की निगाहें महज एक ही हाई-प्रोफाइल विधानसभा सीट पर टिकी थीं- नंदीग्राम। यह केवल एक चुनावी टक्कर नहीं थी, बल्कि एक ऐसा राजनीतिक महासंग्राम था जिसकी कहानी किसी थ्रिलर मूवी से कम नहीं थी। एक ओर थीं तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी, जिन्हें पश्चिम बंगाल की पब्लिक 'दीदी' कहती है। दूसरी ओर थे कभी उनके सबसे विश्वासपात्र सिपहसालार रहे सुवेंदु अधिकारी।

नंदीग्राम में ममता और सुवेंदु का सीधा मुकाबला

ये भी जान लीजिए कि नंदीग्राम कोई आम विधानसभा सीट नहीं थी; यह वही जमीन थी, जहां से उपजे भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने 34 साल पुराने वामपंथी किले को ढहाकर ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल की सरकार के सिंहासन पर बिठा दिया था। लेकिन 2021 का विधानसभा चुनाव आते-आते पटकथा पलट चुकी थी। सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी से बगावत कर BJP का दामन थाम लिया। उन्होंने अपनी पूर्व नेता ममता बनर्जी को खुलेआम चुनौती दी। दिलचस्प रहा कि ममता बनर्जी ने भी इस चुनौती को कबूल कर लिया और अपनी सुरक्षित भवानीपुर विधानसभा सीट को छोड़कर सीधे नंदीग्राम के सियासी अखाड़े में ताल ठोक दी।

ममता बनर्जी ने व्हीलचेयर पर बैठकर किया था प्रचार

नंदीग्राम में चुनावी माहौल किसी सस्पेंस थ्रिलर मूवी की तरह था। चुनाव प्रचार के दौरान सीएम ममता बनर्जी के पैर में चोट लग गई थी। इसके बाद व्हीलचेयर पर बैठ-बैठे उनका पूरे पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार करना और दूसरी ओर सुवेंदु अधिकारी की आक्रामक रैलियां- हर पल चुनाव के रोमांच को बढ़ा रहा था। नंदीग्राम विधानसभा का चुनाव दोनों की साख की लड़ाई बन गया था।

करीबी अंतर से हार गई थीं ममता बनर्जी

नंदीग्राम के नतीजे जब आए तो हर राउंड के साथ रिजल्ट पेंडुलम के जैसे इधर-उधर झूल रहा था। कभी ममता बनर्जी आगे होतीं, तो कभी सुवेंदु अधिकारी बाजी मार लेते। फिर शाम होते-होते खबर आई कि कभी ममता बनर्जी के खास रहे सुवेंदु अधिकारी ने 1 हजार 736 मतों के बेहद करीबी अंतर से हरा दिया। 

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में प्रचंड जीत हासिल की थी और ममता बनर्जी भी तीसरी बार मुख्यमंत्री बन गई थीं, लेकिन नंदीग्राम में वह अपने ही गढ़ में हार गई थीं। उन्हें मिली पर्सनल हार की 'कहानी' राजनीतिक इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गई।

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