कोलकाता/हल्दिया/आसनसोल: पश्चिम बंगाल में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन बड़ी रैलियां करके सूबे की ममता बनर्जी सरकार पर जमकर निशाना साधा। पीएम ने राज्य के पूर्वी मेदिनीपुर के हल्दिया, पश्चिम बर्धमान के आसनसोल और बीरभूम के सिउड़ी में जनसभाओं को संबोधित किया। इन सभी सभाओं में उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। PM मोदी ने कहा कि ममता सरकार के शासन में बंगाल में 'गुंडागर्दी, रेप, टोलाबाजी, सिंडिकेट, कटमनी, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण' खूब बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि अब इन सबका अंत होने वाला है।
'बीजेपी आएगी और हर चीज का हिसाब होगा'
ममता सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, '5 साल पहले नंदीग्राम में जो हुआ था, इस बार वही भवानीपुर और पूरे बंगाल में होगा। ममता जाएंगी, बीजेपी आएगी और हर चीज का हिसाब होगा, गिन-गिन कर हिसाब होगा।' प्रधानमंत्री ने वादा किया कि बीजेपी की सरकार बनने पर बंगाल को 'भयमुक्त' बनाया जाएगा, सिस्टम में पारदर्शिता लाई जाएगी और 'मंत्री से लेकर संतरी तक हर घोटालेबाज जेल में होगा।' PM मोदी ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, हत्या और बमबाजी की घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक समय बंगाल देश की आर्थिक ताकत था, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग में आगे था, लेकिन अब 'भय और भ्रष्टाचार' के कारण विकास रुक गया है।
पीएम मोदी ने बंगाल में उठाया मछली का मुद्दा
ममता बनर्जी और उनकी पार्टी यह आरोप लगा रही है कि अगर बीजेपी सत्ता में आई तो बंगाल में नॉनवेज खाने पर पाबंदी लग सकती है। इस पर जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश में मछली उत्पादन दोगुना हुआ है। उन्होंने कहा कि बिहार और असम जैसे राज्य अब मछली का निर्यात कर रहे हैं, लेकिन 'हैरानी की बात है कि बंगाल अभी भी पीछे है और बाहर से मछली मंगानी पड़ती है।' PM मोदी ने वादा किया कि बीजेपी सरकार बनने पर बंगाल मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने कि अब जनता ममता सरकार से तंग आ चुकी है और बदलाव चाहती है।
PM मोदी के वार पर ममता ने दिया जवाब
उधर, नॉर्थ 24 परगना में रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता बंगाल में आकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। ममता ने सवाल उठाया कि 'मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्यों में मांस और मछली पर पाबंदी क्यों लगाई गई?' उन्होंने आरोप लगाया कि अगर बीजेपी बंगाल में आई तो यहां भी यही होगा। ममता ने कहा, 'मोदी बंगाल में मछली की चिंता न करें, पहले बताएं कि दूसरे राज्यों में बंगालियों को मछली खाने से क्यों रोका जा रहा है।'
आसनसोल में घुसपैठ और तुष्टिकरण का मुद्दा
आसनसोल की रैली में मोदी ने 'घुसपैठ' और 'तुष्टिकरण' का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ममता सरकार ने 'हिंदुओं के लिए हालात खराब कर दिए हैं' और पूजा व शोभायात्रा के लिए भी लोगों को संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि '4 मई के बाद बंगाल में कानून का राज स्थापित होगा।' राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मोदी ने उन मुद्दों को उठाया है जिन पर ममता सरकार पहले से घिरी हुई है, जैसे भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और कानून-व्यवस्था। राज्य में कई मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं, जिससे यह मुद्दा और संवेदनशील बन गया है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस इन आरोपों का सीधा जवाब देने से बचते हुए नए मुद्दे उठाने की कोशिश कर रही है।
आने वाले दिनों में और दिलचस्प होगा मुकाबला
जमीनी हकीकत यह है कि बंगाल में करीब 30 प्रतिशत मुस्लिम वोटर हैं, जिनका बड़ा हिस्सा तृणमूल कांग्रेस के साथ माना जाता है। दूसरी ओर, बीजेपी की रणनीति बंगाली हिंदू वोटों को अपने पक्ष में एकजुट करने की है। इसी कारण पार्टी 'तुष्टिकरण, घुसपैठ और हिंदुओं पर हमले' जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है। दिलचस्प बात यह भी है कि जो मुस्लिम नेता अब तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ खड़े हो रहे हैं, उन्हें ममता की पार्टी बीजेपी का 'एजेंट' या 'प्रॉक्सी' बताने की कोशिश कर रही है। कुल मिलाकर, बंगाल की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में चुनावी मुकाबला और ज्यादा दिलचस्प होने की उम्मीद है।