Rajganj Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल की राजगंज विधानसभा सीट जलपाईगुड़ी जिले का हिस्सा है। यह सीट विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है और जलपाईगुड़ी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यह क्षेत्र दशकों तक वामपंथ का गढ़ रहा था, जहां 1977 से लेकर 2006 तक लगातार CPI(M) का दबदबा रहा। हालांकि, 2009 के उपचुनाव के बाद से यहां की राजनीतिक दिशा पूरी तरह बदल गई और यह सीट तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मजबूत किलों में तब्दील हो गई।
मतदाताओं और क्षेत्र की जनसांख्यिकी पर नजर डालें, तो राजगंज में लगभग 2.34 लाख पंजीकृत मतदाता हैं। यहां की आबादी में अनुसूचित जाति (SC) समुदाय की संख्या करीब 50% है, जो चुनाव के परिणामों को तय करने में निर्णायक भूमिका निभाती है। इसके अलावा, इस क्षेत्र में चाय बागान श्रमिकों की एक बड़ी आबादी रहती है, जिनकी मांगें और समस्याएं यहां के चुनावी मुद्दों का केंद्र होती हैं। खगेश्वर रॉय 2009 से लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
2021 के चुनाव परिणाम
- खगेश्वर राय (TMC): 104,641 वोट (49.22%)
- सुपेन रॉय (BJP): 88,868 वोट (41.80%)
- रतन रे (CPI(M)): 12,108 वोट (5.69%)
2011 के चुनाव परिणाम
- खगेश्वर रॉय (TMC): 74,546 वोट (46.64%)
- अमूल्य चंद्र रॉय (CPI(M)): 67,526 वोट (42.25%)
- सुपेन रॉय (BJP): 8,038 वोट (5.03%)
राजगंज का सियासी समीकरण
राजगंज सीट पर 1977 से 2006 तक CPI(M) का एकछत्र राज रहा। इस दौरान धीरेंद्र नाथ रॉय और जोतिंद्र नाथ रॉय जैसे दिग्गज नेताओं ने इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, 2009 के उपचुनाव ने यहां की राजनीति में एक बड़ा मोड़ ला दिया, जब तृणमूल कांग्रेस के खगेश्वर रॉय ने पहली बार जीत दर्ज कर वामपंथ के इस अजेय दुर्ग में सेंध लगाई। तब से लेकर 2021 तक, खगेश्वर रॉय ने लगातार चार बार (2009, 2011, 2016, 2021) चुनाव जीतकर इस सीट को ममता बनर्जी और टीएमसी के सबसे मजबूत गढ़ों में तब्दील कर दिया है।