पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्कूली छात्रों को मोबाइल फोन खरीदने के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद को बंद करने के संकेत दिए हैं। इसकी जगह छात्रों को पढ़ाई के काम आने वाले टैबलेट देने पर सरकार विचार कर सकती है।
हावड़ा के ब्यान्त्रा में मंगलवार को साइकिल वितरण योजना 'सारथी' की शुरुआत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल जाने वाले छात्रों का मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है और सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है।
10 हजार रुपये की मदद की जगह टैबलेट
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार कक्षा 11 के छात्रों को मोबाइल फोन खरीदने के लिए 10 हजार रुपये देती थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने राज्य के शिक्षा सचिव से इस योजना पर दोबारा विचार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार ज्यादा पैसा भी दे सकती है, लेकिन मोबाइल फोन की जगह छात्रों को पढ़ाई के लिए इस्तेमाल होने वाले टैबलेट दिए जा सकते हैं।
पहले भी मोबाइल फोन को लेकर जताई थी चिंता
मुख्यमंत्री ने 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में भी छात्रों के मोबाइल इस्तेमाल का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि मोबाइल फोन का छात्रों पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि इस तरह का फैसला लेना मुश्किल हो सकता है और इससे उन्हें वोटों का नुकसान भी हो सकता है।
गुजरात का दिया उदाहरण
शुभेंदु अधिकारी ने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कक्षा 12 तक के छात्रों के लिए मोबाइल फोन पर रोक है। उन्होंने कहा कि कई छात्र रात में भी मोबाइल देखते रहते हैं, यहां तक कि माता-पिता के सो जाने के बाद भी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर सुधार नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ी को सही दिशा में तैयार करना मुश्किल होगा।
'सारथी' योजना की शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों को साइकिल देने के लिए 'सारथी' योजना की शुरुआत की। यह योजना पिछली टीएमसी सरकार की 'सबुज साथी' योजना की जगह लाई गई है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन और उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय भी मौजूद रहे।
(इनपुट- PTI)
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