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शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर अटैक, निशिथ प्रमाणिक बोले- यह बांग्लादेशी आतंकी हमला था

कूचबिहार जिले में शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर आज टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हमला किया। इस हमले को लेकर निशिथ प्रमाणिक ने कहा कि यह हमला जानलेवा था। बांग्लादेशी आतंकियों ने ये हमला किया था।

Suvendu Adhikari convoy attacked Nisith Pramanik said it was a Bangladeshi terrorist attack- India TV Hindi
Image Source : ANI निशिथ प्रमाणिक

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर राज्य के कूचबिहार जिले में प्रदर्शन के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर हमला किया, जिससे जिले के खगराबाड़ी इलाके में तनाव फैल गया। जिस वाहन में अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री निशिथ प्रमाणिक बैठे थे, उसके बुलेटप्रूफ शीशे तोड़ दिए गए। एक पुलिस वाहन की खिड़की के शीशे टूट गए। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को ‘‘सुनियोजित नाटक’’ करार दिया। कूचबिहार में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक रैली और प्रदर्शन का नेतृत्व करने तथा एसपी को ज्ञापन सौंपने के लिए शुभेंदु अधिकारी उत्तर बंगाल जिले की यात्रा पर आए थे।

यह एक जानलेवा हमला था: निशिथ प्रमाणिक

इस मामले पर पूर्व गृह राज्य मंत्री निशिथ प्रमाणिक ने कहा, "हमें सूचना मिली थी कि इस तरह की घटना होने वाली है। इसी वजह से मैंने उन्हें (शुभेंदु अधिकारी को) बुलेटप्रूफ कार में बैठने को कहा। कूचबिहार में घुसते ही टीएमसी के झंडे लिए लोगों ने हम पर हमला कर दिया। भीड़ बढ़ती गई, हमने पुलिस को इसकी सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब हम खगराबाड़ी पहुंचे, तो मस्जिद से बहुत सारे लोग बाहर निकले, काफिले को घेर लिया और धार्मिक नारे लगाए। जिहादियों ने कार पर इस तरह हमला किया कि बुलेटप्रूफ खिड़की का शीशा टूट गया। यह कोई विरोध प्रदर्शन नहीं था, यह एक जानलेवा हमला था।"

निशिथ प्रमाणिक बोले- हमला करने वाले बांग्लादेशी आतंकी थे

निशिथ प्रमाणिक ने कहा, "पश्चिम बंगाल पुलिस और टीएमसी नेताओं ने ऐसा किया। लोग मस्जिद से बाहर आए और हमला किया, और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। इससे पता चलता है कि घटना पूर्व नियोजित थी। काफिले पर ईंटों और धातु की छड़ों से हमला किया गया। हमारे सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया। बांग्लादेशी घुसपैठीं है। बांग्लादेश से जिहादी तत्वों ने इस हमले को अंजाम दिया। यह एक बांग्लादेशी आतंकी हमला था और ममता बनर्जी इसे विशेषाधिकार दे रही हैं। हम चुप नहीं रहेंगे। हम वहीं से 'रोहिंग्या-बांग्लादेशी मुक्त' यात्रा शुरू करेंगे जहां यह हमला हुआ था। हम तब तक विरोध करते रहेंगे जब तक पश्चिम बंगाल और भारत में एक भी रोहिंग्या और बांग्लादेशी बचे रहेंगे।"