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पूर्व सांसद डॉ. शांतनु सेन ने TMC के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से दिया इस्तीफा, बंगाल में ममता बनर्जी को एक और झटका

Santanu Sen Resigns: पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गुरुवार को एक और झटका उस समय लगा जब राज्यसभा के पूर्व सांसद डॉ. शांतनु सेन ने टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दिया।

पूर्व सांसद डॉ. शांतनु सेन - India TV Hindi
Image Source : REPORTER पूर्व सांसद डॉ. शांतनु सेन

कोलकाताः पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गुरुवार को बड़ा झटका उस समय लगा जब राज्यसभा के पूर्व सांसद डॉ. शांतनु सेन ने टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दिया। पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी को संबोधित अपने इस्तीफ़े में उन्होंने लिखा है, "...भले ही कई मुश्किल मौकों पर मैं उनके विचारों से सहमत नहीं था, फिर भी मैंने मीडिया में कई विवादित मुद्दों पर पार्टी के लिए खुलकर लड़ाई लड़ी है, जिसके लिए आम लोगों ने अक्सर मेरी तारीफ़ की है।"

अरूप चक्रवर्ती ने भी प्रवक्ता पद से दिया इस्तीफा

शांतनु सेन के बाद अब अरूप चक्रवर्ती ने भी टीएमसी के स्पोक्सपर्सन के पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा, पार्टी की सेवा करना मेरे लिए एक सम्मान और सौभाग्य की बात रही है। अपने कार्यकाल के दौरान मैंने जनता और मीडिया के सामने पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हुए संगठन की विचारधारा, मूल्यों और दृष्टिकोण को बनाए रखने का पूरी ईमानदारी से प्रयास किया। पार्टी नेतृत्व द्वारा मुझ पर जताए गए विश्वास और सौंपी गई ज़िम्मेदारी के लिए मैं उनका आभारी हूं। निजी कारणों से मैंने इस पद से हटने का फ़ैसला किया है। मुझे उम्मीद है कि पार्टी मेरा इस्तीफ़ा स्वीकार करेगी और जल्द से जल्द मुझे मेरी ज़िम्मेदारियों से मुक्त कर देगी।

 

शांतनु सेन ने इस्तीफा देने का क्या कारण बताया?

शांतनु ने लिखा, "मौजूदा हालात में जब बंगाल की जनता ने आरजी कर केस और 'कैश फॉर जॉब' भ्रष्टाचार जैसे कई अनैतिक कामों और भ्रष्टाचार की वजह से हमें नकार दिया है, तो मेरा मन अब एक प्रवक्ता के तौर पर किसी भी तरह से उनका समर्थन करने को तैयार नहीं है। इसलिए, जनता के फ़ैसले को ध्यान में रखते हुए, मैं तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफ़ा देना चाहता हूं। कृपया मेरे इस्तीफ़े को स्वीकार करें और इसका सम्मान करें।"

काकोली घोष को लेकर क्या है अपडेट?

यह घटनाक्रम 2026 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद पार्टी के भीतर चल रही बगावत के बीच सामने आया है। इन चुनावों में पार्टी राज्य की 294 सीटों में से सिर्फ़ 80 सीटें ही जीत पाई थी। कई नेताओं ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के ख़िलाफ़ खुलकर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की है। इनमें काकोली घोष दस्तीदार भी शामिल हैं, जिन्होंने सेन की तरह ही पार्टी के सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है।

...जब सांसद दस्तीदार ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से की मुलाकात

अभी हाल में ही बारासात लोकसभा सीट से सांसद दस्तीदार ने कल्याणी में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की एक समीक्षा बैठक में भी हिस्सा लिया, जिससे TMC नेतृत्व और भी ज़्यादा नाराज़ हो गया। गुरुवार को उन्होंने TMC नेता कल्याण बनर्जी (जो श्रीरामपुर सीट से सांसद हैं) पर लोकसभा के भीतर उनके साथ 'गाली-गलौज' करने का आरोप लगाया और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की। हालांकि TMC ने दस्तीदार के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन कल्याण बनर्जी ने इन आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते हुए उन्हें 'राजनीति से प्रेरित' बताया है। कल्याण बनर्जी ने कहा कि जहां तक ​​लगाए जा रहे आरोपों की बात है, तो सवाल यह है कि किसने, क्या और कब कहा। असल समस्या उनकी नीयत में है।"