आसनसोल दक्षिण: आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल की महत्वपूर्ण सीट है। आसनसोल का यह इलाका कोयला, स्टील और रेलवे उद्योगों के चलते आर्थिक तौर पर अहम रहा है। यह वजह है कि इसका सीधा असर यहां की राजनीति में देखने को मिलता है। इस सीट का गठन परिसीमन के बाद हुआ और यह पश्चिम बर्धमान जिले के अंतर्गत आती है।
आसनसोल दक्षिण सीट पर सीपीआईएम का गढ़ मानी जाती रही है। मजदूर राजनीति और ट्रेड यूनियन की मजबूत पकड़ के चलते यहां वाम दलों का वर्चस्व रहा। लेकिन 2011 के बाद ममता की अगुवाई में टीएमसी ने वाम दलों के गढ़ में सेंध लगा दी।
इस बार दिलचस्प मुकाबला
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में इस सीट पर दिलचस्प मुकाबला होने के आसार हैं। हालांकि मुकाबला बीजेपी और टीएमसी के बीच माना जा रहा है मगर कांग्रेस और सीपीआईएम भी कड़ी टक्कर देने के इरादे से मैदान में उतरी है। बीजेपी ने एक बार फिर मौजूदा विधायक अग्निमित्रा पॉल को उम्मीदवार बनाया है। टीएमसी ने तापस बनर्जी को टिकट दिया है। वहीं सीपीआईएम से शिल्पी चक्रवर्ती और कांग्रेस के टिकट पर सौविक मुखर्जी चुनाव मैदान में ताल ठोंक रहे हैं।
साल 2021 के चुनाव के क्या थे नतीजे?
आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट पर 2021 के चुनाव में जबर्दस्त मुकाबला हुआ। इस सीट पर बीजेपी और टीएमसी के बीच कड़ी टक्कर हुई। जिसमें अंततः बीजेपी ने जीत दर्ज की। बीजेपी की उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने करीब 73 हजार से अधिक वोट हासिल की। उन्हें लगभग 49 प्रतिशत वोट मिले। वहीं तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार सयानी घोष को करीब 70 हजार वोट प्राप्त हुए, जो लगभग 47 प्रतिशत वोट शेयर के बराबर था। अलावा वाम मोर्चा और कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार को काफी कम वोट मिले
साल 2016 के चुनाव के क्या थे नतीजे?
वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से टीएमसी के तापस बनर्जी ने जीत हासिल की थी। उन्हें करीब 73 हजार वोट मिले थे जो कुल वोटों का करीब 48 प्रतिशत था। वहीं सीपीआईएम के उम्मीदवार अशोक मुखर्जी को करीब करीब 62 हजार वोट प्राप्त हुए, जिनका वोट प्रतिशत लगभग 41 प्रतिशत के आसपास रहा। इस चुनाव में बीजेपी भी मैदान में थी, लेकिन उसे अपेक्षाकृत कम समर्थन मिला। बीजेपी उम्मीदवार को करीब 10-12 प्रतिशत वोट ही मिले।
पश्चिम बंगाल में कब होंगे चुनाव?
पश्चिम बंगाल में दो चरण में विधानसभा चुनाव होंगे। पहले फेज में 23 अप्रैल को और दूसरे फेज में 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। चुनाव नतीजे 4 मई 2026 को सामने आएंगे। टीएमसी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर देखने के कयास लगाए जा रहे हैं। जहां एक तरफ टीएमसी के लिए ये फिर से सत्ता को बरकरार रखने की चुनौती है, वहीं बीजेपी के लिए सत्ता पर काबिज होने का मौका है। टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है, वहीं बीजेपी भी अपने स्टार प्रचारकों के जरिए चुनाव प्रचार अभियान में पूरा जोर लगा रही है।