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नहीं थम रहीं अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें, अब भड़काऊ भाषण मामले में CID ने 6 घंटे से अधिक समय तक की पूछताछ

West Bengal News: विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ बयान देने के मामले में टीएमसी (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस मामले में मंगलवार को CID ने उनसे छह घंटे से भी अधिक समय तक गहन पूछताछ की।

तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी- India TV Hindi
Image Source : PTI तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी

कोलकाता:  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ बयान देने के मामले में सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं सांसद अभिषेक बनर्जी से मंगलवार को राज्य के अपराध अन्वेषण विभाग (CID) ने छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। अधिकारी ने बताया कि बनर्जी दोपहर से पहले कोलकाता स्थित सीआईडी मुख्यालय 'भवानी भवन' पहुंचे थे और वह राज्य की जांच एजेंसी के कार्यालय से शाम करीब छह बजकर 25 मिनट पर बाहर निकले। 

एजेंसी के कार्यालय से निकलने के बाद सांसद अभिषेक बनर्जी ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और पत्रकारों के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। वे सीधे टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित घर पहुंचे। बता दें कि यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी विधायकों के जाली हस्ताक्षर मामले में सीआईडी 11 और 14 जून को उनसे पूछताछ कर चुकी है।

शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस नेता से पूछताछ की थी। राज्य की जांच एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, डायमंड हार्बर से सांसद के लिए सवालों की एक सूची तैयार की गई थी। अधिकारी ने कहा, 'उनसे यह भी पूछा गया कि चुनावी रैलियों के दौरान उनके भड़काऊ बयानों के पीछे क्या मकसद था।' 

सूचना के अनुसार, पूछताछ के दौरान सीआईडी अधिकारियों ने बनर्जी को उस बैठक का वीडियो फुटेज दिखाया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर वह बयान दिया था। पूछताछ की पूरी प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण और उसकी वीडियोग्राफी भी की जा रही है। बनर्जी के खिलाफ कथित भड़काऊ बयानों को लेकर एक महीने पहले प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह प्राथमिकी उत्तर 24 परगना जिले के बगुईआटी थाने में सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार द्वारा पांच मई को दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई थी। 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोप है कि तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव ने चुनाव बाद की हिंसा और मतगणना प्रक्रिया पर भड़काऊ टिप्पणियां की थीं। शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि बनर्जी ने अपनी भड़काऊ टिप्पणियों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा था। उन्होंने बताया कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। 

शिकायतकर्ता ने बनर्जी पर 27 अप्रैल से तीन मई के बीच चुनाव से जुड़े कई कार्यक्रमों के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया। पुलिस अधिकारी ने बताया था, 'शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जनसभाओं के दौरान की गई कुछ टिप्पणियां उकसाने वाली थीं और उनसे सार्वजनिक व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने की आशंका थी।'

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