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पश्चिम बंगाल: "अन्नपूर्णा योजना" की पहली किस्त आज होगी जारी, किन महिलाओं के खाते में आएंगे 3,000 रुपये, जानिए

पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार आज अन्नपूर्णा योजना की पात्र महिलाओं के खाते में 3000 रुपये की पहली किस्त भेजेगी। इस योजना के लिए क्या हैं पात्रता की शर्तें और देश में कहां कहां चल रही हैं ऐसी ही योजनाएं? जानिए सबकुछ...

पश्चिम बंगाल की महिलाओं को मिलेंगे 3,000 रुपये- India TV Hindi
पश्चिम बंगाल की महिलाओं को मिलेंगे 3,000 रुपये

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पहली बार जीत दर्ज की है और भाजपा ने चुनाव से पहले बंगाल की माताओं-बहनों से जो वादा किया था, उसे सरकार गठन के तत्काल बाद पूरा करने की कवायद शुरू हो गई है। बुधवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट की बैठक है। इस बैठक में शपथ लेने वाले 35 नए मंत्रियों के विभाग का बंटवारा किया जाएगा। इसके बाद सबसे अहम योजना 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना की पहली किस्त के 3,000 रुपये पात्र महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने की विधिवत शुरुआत की जाएगी।

इसे लेकर सोमवार को ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि महिलाओं को सरकारी बसों में फ्री यात्र सेवा की शुरुआत हो चुकी है और अब इसके बाद अन्नपूर्णा योजना के तहत 3,000 रुपये देने की योजना की शुरुआत बुधवार से शुरू होगी। कल यानी मंगलवार को मुख्यमंत्री ने फिर कहा था कि 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना की पहली किस्त बुधवार से लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचने शुरू हो जाएंगे।

क्या है पश्चिम बंगाल की अन्नपूर्णा योजना

पश्चिम बंगाल सरकार ने महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए तीन हजार रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु 'अन्नपूर्णा योजना' की शुरुआत की है। महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा शुरू की गई यह योजना 1 जून 2026 से प्रभावी हो गई है। इस योजना के तहत, वित्तीय सहायता सीधे पात्र लाभार्थी महिलाओं के आधार से जुड़े बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।

अन्नपूर्णा योजना की पात्रता

  • इस योजना के लिए पात्र होने के लिए, महिलाओं की आयु 25 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
     
  • पात्र महिलाएं आयकर दाता नहीं होनी चाहिए।
     
  • ऐसी महिलाएं पात्रता की श्रेणी में नहीं आएंगी जो स्थायी सरकारी रोजगार में हैं या राज्य या केंद्र सरकार, वैधानिक निकायों, पंचायतों, नगरपालिकाओं, स्थानीय निकायों, या सरकारी सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों से नियमित वेतन या पेंशन प्राप्त कर रही हैं।
     
  • नए आदेश के तहत, लक्ष्मी भंडार योजना के सभी मौजूदा लाभार्थियों को स्वतः अन्नपूर्णा योजना में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
     
  • एसआईआर-2026 प्रक्रिया के दौरान मृत, स्थानांतरित, नाम हटाए गए या अनुपस्थित मतदाता के रूप में पहचाने गए व्यक्ति, या मतदाता पर्ची वितरण के दौरान चिह्नित की गईं महिलाएं इस योजना से बाहर रहेंगी।
     
  • एसआईआर ट्रिब्यूनल के समक्ष अपील दायर करने वाले या नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के तहत आवेदन जमा करने वाले लाभार्थियों को उनके आवेदनों का कानूनी निपटारा होने तक वित्तीय सहायता मिलती रहेगी।
     
  • नए आवेदकों के लिए अन्नपूर्णा योजना का ऑनलाइन पोर्टल 1 जून 2026 से शुरू किया गया है।
     
  • सभी नए आवेदनों का सत्यापन और जांच अधिकृत सरकारी अधिकारियों द्वारा की जाएगी, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ), शहरी क्षेत्रों में उप-विभागीय अधिकारी (एसडीओ) और कोलकाता नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाले अधिकारी शामिल हैं।
     
  • संबंधित जिला मजिस्ट्रेट और केएमसी आयुक्त अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में अंतिम स्वीकृति देने वाले प्राधिकारी के रूप में कार्य करेंगे, और सत्यापित रिपोर्ट सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी।

केंद्र सरकार की 'अन्नपूर्णा योजना' क्या है और इसके तहत क्या लाभ मिलता है?

 केंद्र सरकार ने वर्ष 2000 में अन्नपूर्णा योजना शुरू की थी। इसके तहत 65 वर्ष से अधिक उम्र के उन गरीब वरिष्ठ नागरिकों को प्रति माह 10 किलो खाद्यान्न (गेहूं या चावल) मुफ्त दिया जाता है, जिन्हें किसी अन्य योजना या राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है।

पश्चिम बंगाल में 'अन्नपूर्णा योजना' क्या है और इसमें कितनी राशि मिलती है?

पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संचालित अन्नपूर्णा योजना (जो पूर्व में 'लक्ष्मी भंडार' थी) के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में प्रदान की जाती है।

अन्नपूर्णा योजना के लिए पात्रता मानदंड क्या है?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक की आयु कम से कम 65 वर्ष होनी चाहिए और वह गरीबी रेखा (BPL) से नीचे जीवन यापन करता हो। इसके साथ ही आवेदक के पास आय का कोई नियमित साधन नहीं होना चाहिए और उसे कोई अन्य सरकारी पेंशन नहीं मिलनी चाहिए।

'श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना' क्या है?

कई राज्य सरकारों (जैसे राजस्थान) द्वारा 'श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना' चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य गरीबों और मजदूरों को रियायती और पौष्टिक भोजन मात्र 8 रुपये में उपलब्ध कराना है।

 'मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना' (महाराष्ट्र) का मुख्य लक्ष्य क्या है?

 महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के अंतर्गत कम आय वाले जरूरतमंद परिवारों को हर साल 3 मुफ्त एलपीजी गैस सिलेंडर प्रदान करने की सुविधा दी गई है।