पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में स्थित हावड़ा मध्य विधानसभा सीट राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह सीट शहरी और औद्योगिक इलाकों से घिरी हुई है, जहां प्रवासी मजदूरों और व्यापारियों की बड़ी आबादी है। हावड़ा शहर का केंद्रीय हिस्सा होने के कारण यहां यातायात, व्यापार और रोजगार के मुद्दे चुनावी बहस का केंद्र रहते हैं। आइए जानते हैं इस सीट की विस्तृत प्रोफाइल, जातीय समीकरण और पिछले तीन चुनावों के नतीजे।
पूरी तरह शहरी है विधानसभा क्षेत्र
हावड़ा मध्य विधानसभा क्षेत्र हावड़ा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। सीट की संरचना में हावड़ा नगर निगम के वार्ड नंबर 17 से 20, 24 से 34, 36, 37 और 42 शामिल हैं। यह पूरी तरह शहरी इलाका है, जहां कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 2.23 लाख है।
हावड़ा मध्य विधानसभा सीट में पिछले एक दशक से टीएमसी का वर्चस्व रहा है। जहां टीएमसी से अरूप रॉय लगातार विधायक चुने जाते रहे हैं। एक नजर पिछले तीन विधानसभा चुनावों (2011, 2016 और 2021) के नतीजों पर डालते हैं।
2021 का विधानसभा चुनाव
पिछले चुनावी नतीजों को देखते हुए हावड़ा मध्य विधानसभा सीट पर टीएमसी का दबदबा रहा है। साल 2 टीएमसी के उम्मीदवार अरूप रॉय ने 1,11,554 वोट (57.16%) के साथ जीत दर्ज की। भाजपा के संजय सिंह दूसरे स्थान पर रहे, जिन्हें 65,007 वोट (33.31%) मिले। कांग्रेस के उम्मीदवार पलाश भंडारी को 12,942 वोट (6.63%) मिले थे।
2016 का विधानसभा चुनाव
2016 के विधानसभा चुनाव में भी टीएमसी ने अपनी सीट बरकरार रखी। टीएमसी के उम्मीदवार अरूप रॉय ने दूसरी बार 91,800 वोट (52.20%) के साथ जीत हासिल की। जेडीयू के अमिताभ दत्ता दूसरे स्थान पर रहे, जिन्हें 38,806 वोट (22.06%) मिले थे। भाजपा के संजय सिंह को 35,691 वोट (20.29%) मिले थे।
2011 का विधानसभा चुनाव
2011 के विधानसभा चुनाव में भी टीएमसी ने जीत दर्ज की थी। टीएमसी नेता अरूप रॉय ने सीपीआई(एम) से सीट छीनी थी। टीएमसी के उम्मीदवार अरूप रॉय ने 1,03,184 वोट (62.07%) हासिल कर जीत दर्ज की थी। दूसरे स्थान पर अरूप राय (तुकुन) (सीपीआई(एम)) रहे, जिन्हें 52,514 वोट (31.59%) मिले। भाजपा के राम नारायण चौधरी को 6,223 वोट (3.74%) मिले थे।