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बंगाल के सरकारी कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी, सातवें वेतन आयोग के गठन के लिए अधिसूचना जारी

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य इस फाइनेंशियल ईयर में 7वें वेतन आयोग को लागू करना, महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी के ज़रिए राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच वेतन के अंतर को कम करना और बकाया राशि का भुगतान करना है।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी- India TV Hindi
Image Source : PTI मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी। फाइल फोटो

पश्चिम बंगाल सरकार ने सातवें वेतन आयोग के गठन के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल सरकार ने सातवें वेतन आयोग के लिए नियम और शर्तें तय कर ली हैं और उसका लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के आखिर तक राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को संशोधित वेतन का लाभ देना है। 

सीएम सुवेंदु अधिकारी ने दी ये जानकारी

सीएम अधिकारी ने कहा कि आम तौर पर वेतन आयोग को सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपने में छह महीने लगते हैं। आयोग की सिफारिशें मिलने के बाद हम इस वित्त वर्ष के आखिर तक संशोधित वेतन का लाभ देने की कोशिश करेंगे। उम्मीद है कि आयोग अपनी रिपोर्ट सौंपने से पहले वेतनमान, भत्ते, पेंशन और सेवा से जुड़े अन्य लाभों की समीक्षा करेगा। उम्मीद है कि सातवां वेतन आयोग मौजूदा आर्थिक हालात और महंगाई के हिसाब से संशोधित वेतन ढांचे की सिफारिश करेगा और सरकार वित्तीय असर की समीक्षा के बाद इसे लागू करने पर अंतिम फैसला लेगी। अपने संकल्प पत्र में बीजेपी ने सत्ता में आने के 45 दिनों के भीतर सातवां वेतन आयोग गठित करने का वादा किया था।  

शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार के अलग-अलग विभागों/कंपनियों में काम करने वाले थर्ड-पार्टी कर्मचारियों के कामकाज की भी समीक्षा की जानी चाहिए। राज्य सरकार के कर्मचारियों को DA देने के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी केंद्र के मुकाबले 42% का अंतर है। हम अक्टूबर से 20% DA देंगे। हमें उम्मीद है कि हम धीरे-धीरे DA के अंतर को खत्म कर लेंगे।

छठे वेतन आयोग में देरी पर सीएम ये कही ये बात

मुख्यमंत्री ने राज्य में छठे वेतन आयोग के कार्यान्वयन को याद किया और आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने वित्तीय बाधाओं के कारण इसकी रिपोर्ट में देरी की थी। अविरुप सरकार कमिटी 2015 में बनी थी और मैं जब मंत्री बना तो उस समय की मुख्यमंत्री के सामने पैनल की रिपोर्ट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने उन्हें बताया था कि कमीशन की रिपोर्ट तैयार नहीं है। मैंने कहा कि वित्त मंत्री गलत थे और उनसे कमीशन के चेयरमैन से बात करने को कहा। चेयरमैन ने बताया कि वित्त मंत्री ने उन्हें रिपोर्ट जमा न करने के लिए कहा था क्योंकि पैसे नहीं थे। मैंने अनुरोध किया कि इसे जारी किया जाए।  

वहीं, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि सरकार 26 हजार कांस्टेबलों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि इनमें से 16 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती दुर्गा पूजा से पहले होगी।

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