पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है। मदन मित्रा ने ममता का साथ छोड़ दिया है। वो भी ऋतब्रत बनर्जी के कैंप में शामिल हो गए हैं। मदन मित्रा ने कामरहाटी से TMC के टिकट पर चुनाव लड़ा था और उसके बाद पार्टी में टूट के बीच लगातार ममता के साथ नजर आ रहे थे। हालांकि, अब उन्होंने ममता का साथ छोड़ दिया है। ऋतब्रत बनर्जी के साथ जाने के बाद मदन मित्रा ने बयान जारी किया है और अभिषेक बनर्जी पर जमकर निशाना साधा है।
मदन मित्रा ने अभिषेक बनर्जी पर साधा निशाना
मदन मित्रा ने तृणमूल कांग्रेस (ममता बनर्जी) का साथ छोड़ दिया है और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी तृणमूल कांग्रेस (TMC) गुट में शामिल हो गए हैं। अपने फैसले पर मदन मित्रा ने कहा- "मैंने अभिषेक बनर्जी को सुझाव दिया था कि वे छह महीने या एक साल के लिए हट जाएं। मैंने उनसे कहा था कि आइए पार्टी को मज़बूत करते हैं, और फिर आप वापस आकर अपनी जगह ले सकते हैं, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा, मैं पार्टी नहीं छोड़ूंगा। पार्टी डूब रही है; नाव डूब चुकी है। लोग मर रहे हैं। फिर भी, पार्टी ने तय किया या यूं कहें कि उसे यह मानने पर मजबूर किया गया कि बाकी सब मर जाएं तो ठीक है, लेकिन अभिषेक को बचाना जरूरी है। यह बहुत दुखद है। पार्टी सबकी है, फिर भी ऐसा लगता है कि यह सिर्फ अभिषेक की सेवा करने तक ही सीमित रह गई है।"
मित्रा ममता बनर्जी से की अपील
मदन मित्रा ने कहा- "मैं ममता जी से गुजारिश करता हूं कि आइए इसे एक मैराथन की तरह देखें। रास्ते में हम ज़रूर एक-दूसरे से मिलेंगे। देखते हैं कौन सा घोड़ा आगे निकलता है। मैंने सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है। हालांकि, मैं अभी भी MLA हूं। मैंने तृणमूल से जुड़ी हर चीज़ छोड़ दी है। इसका मतलब है कि काम-काज के लिहाज से मैं अब तृणमूल MLA नहीं रहा।" आपको बता दें कि इससे पहले ममता बनर्जी के भरोसेमंद नेता अनुब्रत मंडल के भी अलग होने की खबर सामने आई थी।
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