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संसद में पश्चिम बंगाल की महिलाओं का दबदबा, चुनाव आयोग की रिपोर्ट में खुलासा

महिलाओं की भागीदारी के मामले में, महाराष्ट्र एक बार फिर 111 महिला उम्मीदवारों के साथ सबसे आगे रहा, उसके बाद उत्तर प्रदेश (80) और तमिलनाडु (77) का स्थान रहा। हालांकि, सबसे ज्यादा महिला सांसद बंगाल से चुनी गईं।

Mahua Moitra- India TV Hindi
Image Source : PTI लोकसभा में पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से सांसद महुआ मोइत्रा

लोकसभा में सबसे ज्यादा महिला सांसद पश्चिम बंगाल से हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है। पिछले साल हुए लोकसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल ने सबसे अधिक महिला उम्मीदवारों को चुना था। राज्य ने 11 महिलाओं को अपनी सांसद के रूप में चुना और लोकसभा भेजा। देश की 18वीं लोकसभा में कुल 543 सांसद हैं। इनमें से 74 महिलाएं हैं और 74 महिला सांसदों में 11 पश्चिम बंगाल से हैं। पुरुष सांसदों की बात करें तो लोकसभा में सबसे ज्यादा 73 पुरुष सांसद उत्तर प्रदेश से हैं।

देश के निचले सदन में पश्चिम बंगाल से 42 सांसद होते हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश से 80 सांसद होते हैं। बुधवार को चुनाव आयोग द्वारा जारी एटलस-2024 के अनुसार, महिलाओं की भागीदारी के मामले में, महाराष्ट्र एक बार फिर 111 महिला उम्मीदवारों के साथ सबसे आगे रहा, उसके बाद उत्तर प्रदेश (80) और तमिलनाडु (77) का स्थान रहा। देश भर में 152 निर्वाचन क्षेत्रों में कोई भी महिला उम्मीदवार नहीं थी।

इन राज्यों में सुधरी महिलाओं की हालत

कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने महिला उम्मीदवारों को चुनने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। त्रिपुरा और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव (डीएनएच और डीएंडडी) ने अपने निर्वाचित सांसदों में महिलाओं का उल्लेखनीय 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दर्ज किया। इसके बाद दिल्ली में 28. 6 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 27. 3 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 26. 2 प्रतिशत रहा। 

मतदान करने में महिलाएं आगे

2024 के लोकसभा चुनावों में, भारत के चुनावों के इतिहास में दूसरी बार एक और दिलचस्प प्रवृत्ति देखने को मिला। राष्ट्रीय स्तर पर महिला मतदाता भागीदारी दर (वीटीआर) पुरुष मतदाताओं से आगे निकल गई। महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 65. 78 प्रतिशत रहा, जबकि पुरुषों का 65. 55 प्रतिशत रहा। महिलाओं और पुरुषों के बीच भागीदारी में अंतर 0. 23 प्रतिशत रहा। (इनपुट- पीटीआई)