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स्पेक्ट्रम निलाम से इस माह 28,872 करोड़ रुपये आने की उम्मीद

नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय द्वारा  दूरसंचार कंपनियों के लिए रेडियो स्पेक्ट्रम की ताजा नीलामी को आखिरी रूप देने के लिए अनुमति दिए जाने के बाद सरकार ने आइडिया सेल्युलर द्वारा सर्वाधिक 30,306 करोड़ रुपये की

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नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय द्वारा  दूरसंचार कंपनियों के लिए रेडियो स्पेक्ट्रम की ताजा नीलामी को आखिरी रूप देने के लिए अनुमति दिए जाने के बाद सरकार ने आइडिया सेल्युलर द्वारा सर्वाधिक 30,306 करोड़ रुपये की बोली लगाए जाने की घोषणा की।

संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यहां स्पेट्रम नीलामी के विवरण की जानकारी देते हुए उम्मीद जताई कि विजेता कंपनियों की कुल 1,09,874 करोड़ रुपये की बोली में से 28,872 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान थोड़ा अनुरोध करने से सात विजेता कंपनियों से मार्च अंत तक हासिल की जा सकती है।

विजेता कंपनी बोली का एक तिहाई हिस्सा 10 दिनों में भुगतान कर सकती हैं, और शेष राशि 2017 और उसके बाद 10 वार्षिक किश्तों में दे सकती है।

न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति प्रफुल्ल सी. पंत के आदेशों के कारण नीलामी में लगी बोली को अंतिम रूप दिया जा सका। अदालत ने हालांकि कहा कि स्पेक्ट्रम का वास्तविक आवंटन इससे संबंधिम मामले में और आदेश दिए जाने से पहले न किया जाए।

मंत्री ने हालांकि यह आश्वासन दिया कि स्पेक्ट्रम की ऊंची कीमत से कॉल दर पर असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मंत्रालय द्वारा कराए गए विश्लेषण के मुताबिक कॉल दर अधिक से अधिक 0.013 रुपये प्रति मिनट बढ़ सकती है।

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गुरुवार को नीलामी को आखिरी रूप दिए जाने और विजेताओं की घोषणा करने की इजाजत देने के बाद नीलामी संबंधी आंकड़े जारी किए गए।

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो ने कुल 10,077 करोड़ रुपये की बोली लगाई, भारती एयरटेल ने दूसरी सर्वाधिक 29,310 करोड़ रुपये की बोली लगाई।

प्रसाद ने कहा, "बिके हुए स्पेक्ट्रम के अनुपात के नजरिए से भी मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि 2015 में सर्वाधिक स्पेक्ट्रम नीलाम हुए।" उन्होंने कहा ताजा दौर में 88.8 फीसदी स्पेक्ट्रम नीलाम हुए। 2012 में 43.04 फीसदी, 2013 में 17.78 फीसदी और 2014 में 81.9 फीसदी स्पेक्ट्रम नीलाम हुए थे।

इस नीलामी में वोडाफोन ने 25,959 करोड़ रुपये, टाटा टेलीसर्विसेज ने 7,851 करोड़ रुपये और रिलायंस कम्युनिकेशंस ने 4,299 करोड़ रुपये की बोली लगाई। यूनीनॉर को एक भी स्पेक्ट्रम नहीं मिला।

न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति प्रफुल्ल सी. पंत ने अपने आदेश में कहा, "हम अपना आदेश संशोधित कर रहे हैं और केंद्र सरकार को नीलामी को अंतिम रूप देने और आगे की कार्यवाही करने की अनुमति देते हैं।"

अदालत ने कहा कि सभी सफल बोलीदाताओं को यह बता दिया जाए कि नीलामी अदालत में चल रहे मामले की सुनवाई के परिणाम पर निर्भर करेगी।

महान्यायवादी मुकुल रोहतगी ने अदालत में सुनवाई शुरू होने के बाद कहा कि नीलामी अत्यधिक सफल रही है। उन्होंने अदालत से 26 फरवरी का आदेश बदलने का अनुरोध करते हुए कहा कि न्यायालय यदि अनुमति दे देगा तो सरकार सफल बोलीदाताओं से शुरुआती भुगतान 28 हजार करोड़ रुपये देने के लिए कहेगी, जिसे बजट में भी शामिल कर लिया गया है।

ताजा नीलामी से सरकार को काफी धन राशि मिलेगी, जो अब तक की सर्वाधिक है। 2010 में हुई स्पेक्ट्रम नीलामी से सरकार को 1,06,200 करोड़ रुपये हासिल हुए थे।

नीलामी में 69 सेवा क्षेत्र पेश किए गए थे, जिनके लिए आधार मूल्य 80,277 करोड़ रुपये तय किया गया था। इनमें से 63 के लिए अस्थायी आवंटन की घोषणा की गई, जिसके लिए कुल 1,09,874.91 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता मिली है। 50 सेवा क्षेत्रों के लिए बोली प्रीमियम में लगी।

 

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