पटना: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर देशभर में नशामुक्त समाज का संदेश दिया जा रहा था, वहीं बिहार की राजधानी पटना में विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद हुई। मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग की टीम ने परसा बाजार थाना क्षेत्र के न्यू एतवारपुर में एक मकान पर छापा मारकर 548 बोतल विदेशी शराब जब्त की। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 2.70 लाख रुपये बताई गई है। कार्रवाई के दौरान एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। विभाग ने मकान को भी सील कर दिया है।
गुप्त सूचना पर पहुंची उत्पाद विभाग की टीम
मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग को सूचना मिली थी कि न्यू एतवारपुर इलाके के एक मकान में बड़ी मात्रा में विदेशी शराब छिपाकर रखी गई है। सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने मकान पर छापेमारी की। यह कार्रवाई निरीक्षक दीपक महतो के नेतृत्व में की गई। टीम ने मकान की तलाशी ली तो अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब बरामद हुई। इसके बाद शराब को जब्त कर लिया गया और मकान को भी सील कर दिया गया।
548 बोतल शराब के साथ युवक गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान मौके से सोनू कुमार को गिरफ्तार किया गया। वह पटना के मीठापुर का रहने वाला बताया गया है। विभाग ने बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 70 हजार रुपये बताई है। शराब जब्त करने के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान शराब की खेप से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं।
कहां से आई शराब, कहां होनी थी सप्लाई?
सहायक आयुक्त प्रेम प्रकाश ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शराब बरामद होने के बाद संबंधित मकान को सील कर दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि इतनी बड़ी शराब की खेप आखिर कहां से मंगाई गई थी और इसे कहां बेचने की तैयारी थी।
सप्लाई नेटवर्क में कौन-कौन शामिल, जांच जारी
उत्पाद विभाग अब शराब की सप्लाई और बिक्री से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका भी जांच रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में दूसरे लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि शराब की खेप न्यू एतवारपुर के इस मकान तक किस रास्ते से पहुंची।
शराबबंदी वाले बिहार में बड़ी बरामदगी
बिहार में शराबबंदी लागू है। इसके बावजूद न्यू एतवारपुर के एक मकान में 548 बोतल विदेशी शराब मिलने से कई सवाल खड़े हुए हैं। जांच का अहम बिंदु यही है कि शराबबंदी के बावजूद इतनी बड़ी खेप वहां तक कैसे पहुंची। विभाग अब इस बात का भी पता लगा रहा है कि शराब को किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन लोग काम कर रहे थे।
गांधी जयंती पर शराब बरामदगी की चर्चा
महात्मा गांधी नशामुक्त समाज के समर्थक थे और शराब समेत नशीले पदार्थों के सेवन को सामाजिक बुराई मानते थे। गांधी जयंती पर देशभर में नशामुक्ति और स्वच्छ समाज का संदेश दिया जाता है। ऐसे दिन पटना में विदेशी शराब की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने की घटना चर्चा में है। विभाग ने इसे अवैध शराब कारोबार के खिलाफ जारी कार्रवाई का हिस्सा बताया है। बता दें कि आज ही एक खबर आई थी जिसमें शराब से लदा ट्रक पलटा तो उस पर लदी बोतलों के लिए लूट मच गई थी। (इनपुट: बिट्टू कुमार)
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