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BUHS के 90% छात्र फेल, बी.फार्मा और बीएससी नर्सिंग के स्टूडेंट्स कर रहे विरोध प्रदर्शन

बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना द्वारा जारी हालिया परीक्षा परिणामों ने राज्यभर के मेडिकल और पैरामेडिकल छात्रों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। बी.फार्मा और बीएससी नर्सिंग के जारी परिणामों में लगभग 90% छात्रों को फेल घोषित कर दिया गया है। इसके बाद स्टूडेंट्स जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

BUHS के 90% छात्र फेल, बी.फार्मा और बीएससी नर्सिंग के स्टूडेंट्स कर रहे विरोध प्रदर्शन- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV BUHS के 90% छात्र फेल, बी.फार्मा और बीएससी नर्सिंग के स्टूडेंट्स कर रहे विरोध प्रदर्शन

बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना से संबद्ध विभिन्न कॉलेजों के बी.फार्मा और बीएससी नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन और हंगामा किया। छात्रों के इस आक्रोश का मुख्य कारण विश्वविद्यालय द्वारा घोषित हालिया परीक्षा परिणाम हैं, जिनमें कथित तौर पर लगभग 90% विद्यार्थियों को फेल घोषित कर दिया गया है। इसके विरोध में पटना, समस्तीपुर, रोहतास और जहानाबाद सहित कई जिलों में छात्रों ने सड़कों पर उतरकर भारी हंगामा और प्रदर्शन किया है।

छात्रों का आरोप
छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने एडमिशन के समय यह कहकर दाखिला लिया था कि परीक्षा और सेंटर सब 'मैनेज' रहेगा, लेकिन परीक्षा में कड़ाई होने के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को फेल कर दिया गया। किसी संस्थान में 50 प्रतिशत तो किसी में 80-90 प्रतिशत तक छात्र फेल हो गए। छात्रों का आरोप है कि कॉलेजों द्वारा परीक्षा पास कराने के नाम पर 8000 रुपये पहले ही ले लिए गए थे। पास होने की गारंटी दी गई थी लेकिन परीक्षा केंद्र पर काफी सख़्ती थी।

संस्थानों में योग्य शिक्षकों और सुविधाओं की कमी और सत्र का काफी पीछे चलना भी एक कारण है। वहीं कुछ छात्र ने कई पेज लिखे होने के बाद भी 3, 4,5, 9 इस तरह से नंबर दिए जाने की बात कही है। अब ऐसे छात्र कॉपियों की निष्पक्ष दोबारा जांच और रिजल्ट की समीक्षा की मांग कर रहे हैं। कॉपी देखने के लिए BUHC में कई छात्रों ने फॉर्म भी भरा है। 

BUHS के एग्जाम कंट्रोलर ने क्या कहा
BUHS के एग्जाम कंट्रोलर ने कहा पहले क्या होता था इससे हमें मतलब नहीं है, अब परीक्षा काफी सख़्ती से होती है। जिनको संदेह है वो कॉपी देख सकते हैं। उसके लिए प्रक्रिया बनी हुई है। 

आरोपों की पुष्टि नहीं
हालांकि, छात्रों द्वारा लगाए गए सेंटर मैनेज करने और पास कराने के नाम पर पैसे लेने के आरोपों की फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है। संस्थान और संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल छात्रों के प्रदर्शन ने परीक्षा परिणाम और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।