बिहार के बांका जिले के शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र के कसबा पंचायत स्थित शोभनाथपुर गांव में करमा-धर्मा पर्व की खुशियां मंगलवार को मातम में बदल गईं। गांव के वार्ड संख्या 12 के समीप दीघिया पोखर (तालाब) में स्नान करने के दौरान तीन नाबालिग लड़कियों की डूबने से मौत हो गई। घटना मंगलवार शाम करीब चार बजे की बताई जा रही है। हादसे की खबर मिलते ही गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
सभी तीनों मृत लड़कियों की हुई पहचान
मृत लड़कियों की पहचान शोभनाथपुर निवासी हीरा तांती की पुत्री पुष्पा कुमारी (13), संजीव उर्फ कट्कुन तांती की पुत्री मौसम कुमारी (12) और मन्नू तांती की पुत्री सीमा कुमारी (13) के रूप में हुई है। तीनों छात्राएं गांव के मध्य विद्यालय में सातवीं और आठवीं कक्षा में पढ़ती थीं।
त्योहार को लेकर तांती टोला में था उत्सव का माहौल
जानकारी के अनुसार, करमा-धर्मा एकादशी पर्व को लेकर तांती टोला में उत्साह का माहौल था। गांव की करीब दस सहेलियां स्नान करने के लिए गांव से लगभग 200 मीटर उत्तर स्थित दीघिया पोखर पहुंची थीं। स्नान के दौरान मौसम कुमारी अचानक पोखर के गहरे हिस्से में चली गई और डूबने लगी। उसे डूबता देखकर पुष्पा और सीमा उसे बचाने के लिए आगे बढ़ीं, लेकिन दोनों भी गहरे पानी में चली गईं। देखते ही देखते तीनों छात्राएं पानी में समा गईं।
शुरू किया गया बचाव अभियान
अन्य छात्राओं ने शोर मचाकर ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पोखर में उतरकर बचाव अभियान शुरू किया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों छात्राओं को एक-एक कर पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया। थानाध्यक्ष प्रभाकर कुमार ने बताया कि मामले में यूडी केस दर्ज किया गया है। वहीं, अंचल राजस्व अधिकारी अभय कुमार ने बताया कि नियमानुसार पीड़ित परिवारों को आपदा सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
तीन बच्चियों की मौत से परिवार में पसरा मातम
मौसम अपने माता-पिता की इकलौती पुत्री थी। पुष्पा चार बहनों में दूसरे नंबर पर थी, जबकि सीमा चार बहनों और एक भाई में तीसरे स्थान पर थी। तीनों की मौत से परिवारों में मातम पसरा हुआ है। पंचायत के मुखिया कलानंद सिंह, सरपंच मंजू देवी, पूर्व मुखिया शादका प्रवीण, समाजसेवी दीपक कुमार सिंह, नीतेश दास और पंचायत समिति सदस्य नीलेश झा समेत कई जनप्रतिनिधियों ने घटना पर शोक जताया है।
चार साल पहले भी चार बच्चों की हुई थी मौत
करमा-धर्मा पर्व के दौरान डूबने की यह पहली घटना नहीं है। करीब चार साल पहले घोषपुर गांव में कर्मा पर्व के दौरान नहर में स्नान करने गए चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से नहर, पोखर एवं तालाबों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
बंटी कुमार सिंह की रिपोर्ट
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