बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट के लिए चुनावी माहौल गरमा गया है। बांकीपुर में इस बार का विधानसभा चुनाव नितिन नबीन (भाजपा), रेखा कुमारी (राजद) और वंदना कुमारी (जन सुराज पार्टी) के बीच एक बेहद अहम त्रिकोणीय मुकाबला बनता जा रहा है। यह सीट जीतने के लिए महागठबंधन और NDA ने पूरी ताकत झोंक दी है। पहली बार चुनाव लड़ रही जन सुराज भी मुकाबले को कड़ा बना रही है। राजधानी पटना में पड़ने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट राज्य की सबसे प्रमुख शहरी सीटों में शुमार है। 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई यह सीट पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।
बांकीपुर चुनाव क्षेत्र में पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को आएंगे
बांकीपुर में प्रमुख उम्मीदवार-
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से कुल 9 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से बीजेपी के टिकट पर नितिन नबीन, जन सुराज पार्टी (JSP) की वंदना कुमारी और राजद की रेखा कुमारी प्रमुख रूप से हैं। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM से रशीद खलील और निर्दलीय उम्मीदवार भी मुकाबले को रोचक बना रहे हैं।
बिहार में बीजेपी का जनता दल यूनाइटेड (JDU), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के साथ गठबंधन है, जबकि RJD का कांग्रेस, लेफ्ट पार्टियों और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के साथ गठबंधन है।
BJP के नितिन नबीन मजबूत नेता
बांकीपुर में पिछले तीन विधानसभा चुनावों (2010, 2015 और 2020) में बीजेपी ने अपनी स्थिति कायम रखी है। वर्तमान विधायक नितिन नबीन ने इसे मजबूती से संभाला है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नितिन नबीन ने कांग्रेस के उम्मीदवार लव सिन्हा को हराया था। बीजेपी उम्मीदवार को 83,068 वोट मिले थे। कांग्रेस उम्मीदवार लव सिन्हा को 44,032 वोट मिले थे। इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार नितिन नबीन ने कांग्रेस के 39,036 वोटों से हराया था।
2020 और 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजे
साल 2020 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नितिन नबीन ने कांग्रेस के उम्मीदवार लव सिन्हा को हराया था। बीजेपी उम्मीदवार को 83,068 वोट मिले थे। कांग्रेस उम्मीदवार लव सिन्हा को 44,032 वोट मिले थे। इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार नितिन नबीन ने कांग्रेस के 39,036 वोटों से हराया था।
साल 2015 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर नितिन नबीन ने जीत दर्ज की थी। बीजेपी उम्मीदवार नितिन नबीन ने कांग्रेस के प्रत्याशी आशीष कुमार को हराया था। नितिन नबीन को 86,759 वोट मिले थे। कांग्रेस उम्मीदवार को मात्र 46,992 वोट मिले थे।
BJP का गढ़ मानी जाती है ये सीट
2011 की जनगणना के अनुसार, बांकीपुर में अनुसूचित जाति (SC) की हिस्सेदारी 7.89% और अनुसूचित जनजाति (ST) की 0.46% है। यह सीट बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती है, जहां ऊपरी जातियों, व्यापारियों और सैलरीड क्लास का वोटर बेस पार्टी को मजबूत रखता है।
कायस्थ वोटर हैं निर्णायक भूमिका में
इस सीट पर कायस्थों का प्रभुत्व और शहरी मिश्रण है। बांकीपुर का जातिगत समीकरण बिहार के ग्रामीण इलाकों से बिल्कुल अलग है, क्योंकि यह शहरी केंद्र होने के कारण विभिन्न समुदायों का मिश्रण है। यहां कायस्थ (कायस्थ) समुदाय का स्पष्ट प्रभुत्व है, जो शिक्षा, प्रशासन और व्यापार से जुड़े होने के कारण राजनीतिक रूप से सक्रिय रहता है।
8-10% मुस्लिम मतदाता
कायस्थ वोटरों की मजबूत संख्या भाजपा जैसी पार्टियों के लिए फायदेमंद साबित होती है। इसके अलावा, ब्राह्मण, राजपूत जैसे ऊपरी जातियों का भी अच्छा प्रभाव है, जो शहरी विकास और व्यवस्था के मुद्दों पर वोट देते हैं। OBC समुदायों में यादव और कुशवाहा की उल्लेखनीय उपस्थिति है, जबकि मुस्लिम मतदाता लगभग 8-10% हैं, जो विपक्षी दलों को आकर्षित करते हैं। SC मतदाता 7-8% के आसपास हैं, जो महागठबंधन के लिए महत्वपूर्ण हैं।