चकाई: बिहार में विधानसभा चुनावों के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। हर दल इसी उम्मीद में है कि जनता का आशीर्वाद उसे मिलेगा। बिहार के 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक चकाई भी है। यह विधानसभा सीट बिहार के जमुई जिले में आती है। 2020 में यहां पर स्वतंत्र से सुमित कुमार सिंह ने RJD की सावित्री देवी को 581 वोटों के मार्जिन से हराया था। लेकिन इस बार बिहार की सियासत में काफी कुछ नया होने वाला है। एक तरफ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ RJD से निष्कासित तेज प्रताप यादव भी चुनाव में उतरने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। अब देखना ये होगा कि जनता का आशीर्वाद किसे मिलता है।
क्या हैं साल 2020 और 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजे?
साल 2020 के विधानसभा चुनावों में यहां से स्वतंत्र उम्मीदवार सुमित कुमार सिंह जीते थे। उन्हें कुल 45548वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर राजद की सावित्री देवी रही थी। उन्हें कुल 44967 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर जेडीयू के संजय प्रसाद रहे थे। उन्हें कुल 39319 वोट मिले थे। वहीं, छठे नंबर पर NOTA रहा था। उसे कुल 6521 वोट पड़े थे। सुमित कुमार सिंह वर्तमान में नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
साल 2015 के विधानसभा चुनावों में राजद की सावित्री देवी जीती थीं। उन्हें कुल 47064 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर स्वतंत्र उम्मीदवार सुमित कुमार सिंह रहे थे। उन्हें कुल 34951 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर LJP के उम्मीदवार विजय कुमार सिंह थे जिन्हें 28535 वोट मिले थे।
कैसा होगा साल 2025 का चुनाव?
इस सीट की सबसे खास बात यह है कि यहां की मतदाता की निष्ठा किसी एक पार्टी के प्रति स्थायी नहीं है। अब तक हुए 15 चुनावों में इस सीट पर कई पार्टियों का कब्जा रहा है। देखना ये होगा कि इस बार बिहार की जनता किस पार्टी पर अपने भरोसे की मुहर लगाती है। वैसे इस बार का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि नई सियासी पार्टी जनसुराज भी अपना भाग्य आजमा रही है। देखना ये भी होगा कि नई पार्टी पर बिहार की जनता कितना भरोसा करती है।