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बिहार विधानसभा चुनाव 2025: गुरुआ सीट पर किसके सिर सजेगा जीत का सेहरा? जानें पिछले चुनावों के नतीजे

बिहार की गुरुआ सीट पर जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। संभावित उम्मीदवार जनता के बीच जा रहे हैं। इस साल होने वाले चुनाव में मुकाबला काफी रोचक हो सकता है।

gurua assembly seat- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV गुरुआ विधानसभा चुनाव

गुरुआ: बिहार में विधानसभा चुनावों के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। गुरुआ विधानसभा सीट बिहार की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है। यह गया जिले में आती है। 2020 में राष्‍ट्रीय जनता दल से विनय यादव ने भारतीय जनता पार्टी के राजीव नंदन डांगी को 6599 वोटों के मार्जिन से हराया था। इस सीट पर इस साल विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है। इस बार बिहार की सियासत में काफी कुछ नया होने वाला है। एक तरफ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ आरजेडी से निष्कासित तेज प्रताप यादव भी चुनाव में उतरने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।

क्या हैं साल 2020 और 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजे? 

बिहार के 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक गुरुआ भी है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में यहां से राजद के विनय यादव जीते थे। विनय यादव ने बीजेपी के राजीव नंदन डांगी को 6599 वोटों के मार्जिन से हराया था। विनय आनंद को कुल 70761 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे राजीव नंदन डांगी को कुल 64162 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर बसपा के राघवेंद्र नारायण यादव रहे थे। उन्हें कुल 15235 वोट मिले थे।  

साल 2015 के विधानसभा चुनावों में भी बीजेपी के राजीव नंदन जीते थे। उन्होंने जेडीयू उम्मीदवार रामचंद्र प्रसाद सिंह को 6515 वोटों के मार्जिन से हराया था। तब राजीव नंदन को कुल 56480 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर जेडीयू के रामचंद्र प्रसाद सिंह रहे थे। उन्हें कुल 49965 वोट मिले थे।  

कैसा होगा साल 2025 का चुनाव?

गुरुआ 1977 में एक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बना और यह औरंगाबाद लोकसभा सीट के छह विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। पिछले कुछ दशकों में यह भाजपा और राजद के बीच मुकाबले का प्रमुख क्षेत्र बन गया है। 2000 से 2005 तक राजद ने लगातार तीन चुनाव जीते, जबकि भाजपा ने 2010 और 2015 में जीत हासिल की। 2020 में राजद ने सीट फिर से अपने नाम की।

देखना ये होगा कि इस बार बिहार की जनता किस पार्टी पर अपने भरोसे की मुहर लगाती है। वैसे इस बार का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि नई सियासी पार्टी जनसुराज भी अपना भाग्य आजमा रही है।