शेरघाटी: बिहार में विधानसभा चुनावों के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। हर दल इसी उम्मीद में है कि जनता का आशीर्वाद उसे मिलेगा। शेरघाटी सीट पर 2020 में राष्ट्रीय जनता दल से मंजु अग्रवाल ने जनता दल यूनाइटेड के विनोद प्रसाद यादव को 16690 वोटों के मार्जिन से हराया था। लेकिन इस बार बिहार की सियासत में काफी कुछ नया होने वाला है। एक तरफ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ RJD से निष्कासित तेज प्रताप यादव भी चुनाव में उतरने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। अब देखना ये होगा कि जनता का आशीर्वाद किसे मिलता है।
क्या हैं साल 2020 और 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजे?
बिहार के 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक शेरघाटी भी है। साल 2020 के विधानसभा चुनावों में यहां से RJD की मंजु अग्रवाल ने जीत हासिल की थी। उन्हें कुल 61804 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर जेडीयू के विनोद प्रसाद यादव रहे थे। उन्हें कुल 45114 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर LJP के मुकेश कुमार यादव रहे थे। उन्हें कुल 24107 वोट मिले थे। वहीं, छठे नंबर पर NOTA रहा था। उसे कुल 5194 वोट पड़े थे।
साल 2015 के विधानसभा चुनावों में जेडीयू के विनोद प्रसाद यादव ने HAM के मुकेश कुमार यादव को 4834 वोट से हराया था। विनोद प्रसाद यादव को कुल 44579 वोट मिले थे। वहीं, मुकेश कुमार यादव को 39745 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर निर्दलीय उम्मीदवार मंजु अग्रवाल रही थीं, जिन्हें कुल 29671 वोट मिले थे।
कैसा होगा साल 2025 का चुनाव?
पिछले विधानसभा चुनावों को देखें तो 2010 और 2015 में लगातार दो बार जीतने वाले जेडीयू के विनोद प्रसाद यादव को 2020 में करारी शिकस्त मिली। RJD की मंजू अग्रवाल ने उन्हें हराकर नया राजनीतिक संदेश दिया। वहीं, अब 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले सभी प्रमुख दलों की निगाहें शेरघाटी पर टिकी हैं। RJD इस सीट को बरकरार रखने की कोशिश में है, तो JDU दोबारा वापसी की तैयारी में जुटी है। इस बार देखना ये होगा कि बिहार की जनता किस पार्टी पर अपने भरोसे की मुहर लगाती है।
वैसे इस बार का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि नई सियासी पार्टी जनसुराज भी अपना भाग्य आजमा रही है। देखना ये भी होगा कि नई पार्टी पर बिहार की जनता कितना भरोसा करती है।