बिहार के बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। इस चुनाव में में बड़ा उलटफेर हो गया है। सोमवार को आए उपचुनाव के परिणाम में जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 18953 वोटों से जीत हासिल की है। इस उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को हार मिली है। वहीं, राजद तीसरे नंबर पर खिसक गई है। आपको बता दें कि ये परिणाम भाजपा के लिए काफी बड़ा झटका है।
भाजपा का अभेद्य किला ढहा
दरअसल, बांकीपुर विधानसभा सीट नितिन नवीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई थी। 1995 से ही बांकीपुर भाजपा के अभेद्य किला बना हुआ था। 1995 से 2005 तक नवीन किशोर बांकीपुर (तब पटना पश्चिम सीट) से विधानसभा चुनाव जीतते रहे। उनके निधन के बाद नितिन नवीन 2006 में पहली बार उपचुनाव में जीत हासिल कर के विधायक बने। इसके बाद से वह 2025 तक इस सीट से विधायक रहे। हालांकि, अब प्रशांत किशोर ने इस किले को ढाह दिया है।
जनता को सम्राट चौधरी का नेतृत्व स्वीकार नहीं- पीके
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के परिणाम पर प्रशांत किशोर ने बयान दिया और सीएम सम्राट चौधरी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- "सम्राट चौधरी के नेतृत्व को बिहार की जनता स्वीकार नहीं करती है, ये बात स्पष्ट है। किला किसी का नहीं होता है। 30 साल का किला ढहने में 30 दिन भी नहीं लगा और इसकी बड़ी वजह ये है कि भाजपा ने चुनाव जीतने के बाद यहां पर एक अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति को, एक गलत चाल-चरित्र वाले व्यक्ति को बिहार का नेतृत्व दिया है। ये लोगों को स्वीकार्य नहीं है।"
भाजपा क्या बोली?
बिहार में बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत पक्की होने के बाद बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी का बयान भी सामने आया। उन्होंने कहा कि हम इन नतीजों की समीक्षा करेंगे। संजय सरावगी ने कहा कि हमारी पार्टी ने बांकीपुर में हमेशा विकास करने का काम किया हैऔर आगे भी बांकीपुर हमारी प्राथमिकता में रहेगा।
ये भी पढ़ें- बांकीपुर से प्रशांत किशोर को मिली शानदार जीत, 18 हजार से ज्यादा वोटों से जीते, बीजेपी हारी; LIVE
बांकीपुर उपचुनाव में 'लालू प्रसाद यादव' और 'नीतीश कुमार' भी लड़ रहे चुनाव, NOTA से भी कम वोट मिले