पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 24 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। बैठक में शिक्षा, पशुपालन, कृषि, पुलिस व्यवस्था, स्वास्थ्य, उद्योग और प्रशासन से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। इनमें बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय और पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी देना प्रमुख है। कैबिनेट के आधिकारिक दस्तावेज में दोनों विश्वविद्यालयों के लिए स्थापना संबंधी प्रशासनिक स्वीकृति और अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए 15-15 करोड़ रुपये के खर्च की मंजूरी दर्ज है।
दिनकर जयंती पर बेगूसराय में यूनिवर्सिटी को मंजूरी
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के मौके पर बिहार सरकार ने बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर यूनिवर्सिटी की स्थापना को मंजूरी दी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय शुरू करने की प्रक्रिया में अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई है। इसी तरह पटना में मां सीता विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए भी 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
पशुपालकों को ब्याज पर 100 फीसदी सब्सिडी
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना को भी मंजूरी दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक तीन वर्षों के लिए इस योजना पर 1,600 करोड़ रुपये से अधिक के अनुमानित खर्च को स्वीकृति दी गई है। इस योजना के तहत पशुपालकों को बैंक से मिलने वाले ऋण के ब्याज पर 100 प्रतिशत सब्सिडी देने की बात कही गई है। यानी लाभुकों को कर्ज का केवल मूलधन चुकाना होगा, ब्याज का भार सरकार की योजना के तहत कवर किया जाएगा।
वारिसलीगंज में नई चीनी मिल को मंजूरी
कैबिनेट ने नवादा जिले के वारिसलीगंज में चीनी मिल की स्थापना के लिए जमीन के अंतरविभागीय स्थायी नि:शुल्क हस्तांतरण को मंजूरी दी है। प्रस्तावित चीनी मिल के लिए 99.39 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है। इस परियोजना से 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की उम्मीद जताई गई है। इससे नवादा के साथ-साथ नालंदा, शेखपुरा और जमुई के हजारों किसानों को सीधे लाभ मिलने की बात कही गई है। चीनी मिल शुरू होने से इन इलाकों में गन्ना उत्पादन और उससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पुलिस के लिए ड्रोन और उपकरणों की खरीद
कैबिनेट ने राज्य की पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी कई फैसले लिए। जिला पुलिस, रेल पुलिस, मद्यनिषेध एवं राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो समेत अन्य इकाइयों के सुदृढ़ीकरण और लोक भवन के उपयोग के लिए उपकरण खरीदने के लिए 3368.50 लाख रुपये, यानी करीब 33.69 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा केंद्र प्रायोजित पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत 50 ड्रोन खरीदने के लिए 24.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इन ड्रोन का इस्तेमाल भीड़ नियंत्रण, नदी क्षेत्र में अभियान, नक्सल और अपराध विरोधी कार्रवाई तथा आपदा प्रबंधन जैसे कामों में किया जा सकेगा।
डेयरी और पशु चिकित्सा के क्षेत्र में भी फैसले
कैबिनेट ने सुपौल, मधेपुरा और सहरसा जिलों में डेयरी विकास से जुड़ी कई योजनाओं के लिए 126.07 करोड़ रुपये से अधिक के अनुमानित खर्च को मंजूरी दी है। इसमें दही प्लांट, प्रीमियम आइसक्रीम प्लांट, टोटल मिक्स्ड राशन प्लांट, मिल्क चिलिंग प्लांट, बीएमसीयू के लिए इंस्टेंट मिल्क चिलिंग सिस्टम और अन्य डेयरी सुविधाएं शामिल हैं। राज्य में पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार, उन्हें मजबूत करने और मानकीकरण के लिए 'बिहार पशु चिकित्सा अवस्थरचना एवं सेवा सुदृढ़ीकरण नीति' को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।
स्वास्थ्य और डिजिटल व्यवस्था से जुड़े फैसले
राज्य के 12 चिकित्सा संस्थानों में C-DAC की ओर से विकसित e-Sushrut NX Application लागू करने को मंजूरी दी गई है। इस योजना के लिए तीन साल में करीब 29.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना संतोषजनक रहने पर इसकी अवधि दो साल और बढ़ाने के लिए करीब 10.98 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत का भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में बिहार सरकार के लंबित मामलों की प्रभावी निगरानी और समन्वय के लिए 'समन्वय पोर्टल' विकसित किया जाएगा। इसके लिए NIC यानी राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के चयन को मंजूरी दी गई है।
सम्राट कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
बैठक में पूर्ववर्ती बिहार राज्य विद्युत बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े 757.63 करोड़ रुपये के अनफंडेड टर्मिनल बेनिफिट दायित्व के लिए राशि बिहार स्टेट पावर कंपनी लिमिटेड को पांच समान किस्तों में उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई। पटना नगर निगम को पुराने कर्ज से जुड़े 41.00 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को अनुदान के रूप में समायोजित करने और UC/DC की अनिवार्यता में छूट देने का फैसला भी हुआ। इसके अलावा भी कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए हैं।
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