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24 घंटे में दहले बिहार के 4 जिले, कहीं बदमाशों ने दिनदहाड़े की फायरिंग तो कहीं पुलिस पर ही हो गया हमला

पिछले 24 घंटे से बिहार के 4 जिलों में बवाल मचा हुआ है। पटना, आरा, सीतामढ़ी और दरभंगा में लोग गुस्से और दहशत में हैं क्योंकि बिहार की राजधानी में तड़ातड़ फायरिंग हो रही है। आरा में सरेआम गोली मारी जा रही है। दरभंगा में पुलिस को पीटा जा रहा है।

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Image Source : INDIA TV बिहार के 4 जिलों में आपराधिक घटनाएं हुई हैं।

बीते 24 घंटे से बिहार के 4 जिलों में गदर मचा हुआ है। राजधानी पटना में लाइव फायरिंग की गई। आरा में दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर को गोली मारी गई। दरभंगा में पुलिस की पिटाई हुई। बिहार में सरकार और सिस्टम भी एक्टिव हो गया है। सीतामढ़ी में हत्यारों का हिसाब हुआ। संदेश दिया गया कि बिहार में जो भी बवाल करेगा उसका पक्का हिसाब होगा। बिहार में सबसे ज्यादा कोहराम इस वक्त आरा में मचा हुआ है। आरा में बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मार दी। आरा में बदमाश बाइक से आए और घर के बाहर खड़े राजू के पास रुके और सामने से फायरिंग कर दी। और जब राजू ने भागने की कोशिश की तो उसके पैर में गोली मार दी। ये सबकुछ दिन दहाड़े हुआ। आरा में जिस वक्त गोली मारी जा रही थी उस वक्त सड़क पर लोग आ-जा रहे थे। भीड़ ही भीड़ लेकिन किसी की भी हिम्मत नहीं हुई कि वो इन कट्टाबाजों को रोक ले।

राजू भागा तो उसके पैर में मार दी गोली

शूटर इतने बेखौफ हैं कि कट्टे से गोली मारने के बाद भी तुरंत भागे नहीं, बल्कि जब राजू भागने लगा तो फिर से फायरिंग की और आराम से बाइक से निकल गए। फायरिंग में राजू कुमार को दो गोलियां लगीं। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए आरा शहर के महावीर टोला स्थित मेडिकान अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल से दो खोखे भी बरामद किए हैं।

फुलवारीशरीफ में 5 नकाबपोश बदमाशों ने चलाईं ताबड़तोड़ गोलियां

दूसरी तरफ, बिहार की राजधानी पटना में थाने से 800 मीटर दूर सरेआम तड़ातड़ गोलियां बरसाई गईं। पटना के फुलवारीशरीफ में 5 नकाबपोश बदमाश दो बाइक पर सवार होकर आते हैं और तड़ातड़ फायरिंग झोंकने लगते हैं। बदमाश एक-दो राउंड नहीं, बल्कि 9 राउंड फायरिंग करते हैं। गोलीबारी के बाद अपराधी हथियार लहराते हुए, हवा में गोलियां चलाते हुए मौके से फरार हो जाते हैं। फायरिंग की वारदात आयरन शॉप और स्वास्तिक सीमेंट स्टोर के पास हुई। इस दौरान, दुकानदार अमित रंजन उर्फ टिंकू सिंह, उनके भाई रोहित रंजन और एक मजदूर बाल-बाल बच गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

दुकानदार अमित रंजन ने सुनाई आपबीती

दुकानदार अमित रंजन ने बताया कि 29 सितंबर को भी उनकी दुकान पर गोलीबारी की गई थी। इसके बाद एक बार फिर अपराधियों ने फायरिंग कर दी। लगातार दूसरी बार हुई गोलीबारी के बाद उन्हें अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर डर बना हुआ है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। मौके से आधा दर्जन से अधिक गोली के खोखे बरामद किए गए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में जुटी है। पांचों अपराधियों के चेहरे नकाब से ढके हुए थे। पुलिस टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।

सीतामढ़ी में पुलिस ने किया तीन आरोपियों का हाफ एनकाउंटर

इसके अलावा, सीतामढ़ी में बिहार पुलिस ने हत्या के तीनों आरोपियों का इलाज कर दिया। बिहार पुलिस ने तीनों आरोपियों का हाफ एनकाउंटर कर दिया। तीनों के पैर में गोलियां लगने के बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। बता दें कि 25 जुलाई 2026 को सीतामढ़ी में प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पहचान दिनेश यादव के रूप में हुई, जो चर्चित गैंगस्टर राकेश यादव का भाई था। पहले से घात लगाए बैठे सुनील कुशवाहा, मणि कुमार और इंदल कुमार ने दिनेश यादव को 7 गोलियां मारी थीं। उन्हें बाजू, कंधे और गर्दन के आसपास गोलियां लगी थीं। फिर, दिनेश यादव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

पुलिस को नजदीक आते देख बदमाशों ने की फायरिंग

पुलिस तीनों आरोपियों की तलाश में लगातार रेड कर रही थी। दिनेश यादव हत्याकांड के लिए गठित SIT को जानकारी मिली थी कि हत्याकांड में शामिल 3 बदमाश रीगा परसौनी रोड से गुजरने वाले हैं। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी शुरू की और आने जाने वालों की चेकिंग करने लगी। तभी पुलिस को एक बाइक पर तीन लोग आते दिखे। पुलिस उनके आने का इंतजार करने लगी, लेकिन बदमाशों ने बाइक घुमा ली और वापस भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया, लेकिन तेज गति होने के कारण बाइक अनियंत्रित हो गई और तीनों बीच सड़क पर गिर पड़े। पुलिस को नजदीक आते देख बदमाशों ने फायरिंग की और भागने लगे।

जवाबी कार्रवाई में घायल हुए बदमाश

फिर, पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की और गोली चलाई। पुलिस की गोली तीनों बदमाशों को पैर में लगी। गोली लगने के बाद तीनों जमीन पर गिर पड़े और पुलिस ने उन्हें अरेस्ट कर लिया। तीनों आरोपी का लूट, हत्या समेत कई गंभीर आपराधिक मामलों का इतिहास रहा है। अब पुलिस दिनेश यादव हत्याकांड में तीनों की क्या रोल था इसको लेकर पूछताछ करेगी।

निस्ता गांव में छिपाकर रखी गई थी नाबालिग लड़की

वहीं, दरभंगा के सिंहवाड़ा में नाबालिग का रेस्क्यू करने गई डायल 112 की पुलिस टीम पर हमला कर दिया। घटना में एक एसआई, एक महिला दरोगा और पुलिस की गाड़ी के ड्राइवर घायल हो गए। बताया जा रहा है कि मुजफ्फरपुर की रहने वाली एक नाबालिग लड़की को सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के निस्ता गांव में छिपाकर रखा गया था। इसकी जानकारी के बाद नाबालिग के परिजन मुजफ्फरपुर से पहुंचकर डायल 112 की टीम को इस संबंध में जानकारी दी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मामले की जांच करने निस्ता गांव पहुंची।

गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर किया हमला

पुलिस टीम गांव पहुंचकर नाबालिग लड़की के संबंध में जानकारी जुटाने और ग्रामीणों से पूछताछ करने लगी। इसी दौरान, कुछ ग्रामीण आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते मामला विवाद में बदल गया। आरोप है कि ग्रामीणों ने पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और बाद में लाठी-डंडों और ईंट से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरातफरी मच गई।

महिला सिपाही पर ईंट से किया वार

बताया जाता है कि महिला सिपाही की पीठ पर ईंट से वार किया गया, जबकि एसआई के दाहिने हाथ में चोट लगी है। प्राइवेट ड्राइवर के कान के पास चोट लगी है। वहीं, पुलिस के सरकारी गाड़ी पर भी कई ईंट पत्थर बरसाए गए। घटना के बाद पुलिस टीम किसी तरह अपनी जान बचाकर मौके से निकल गई। इससे पहले, समस्तीपुर में भी ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया था।

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