पटना: बिहार आर्थिक अपराध इकाई यानी कि EOU ने परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की है। EOU ने पटना और आरा में उनके 2 अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी ली। एजेंसी के अनुसार, कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। अमित कुमार गुप्ता मोहनिया चेक पोस्ट, कैमूर में प्रवर्तन अवर निरीक्षक के पद पर तैनात हैं। वह भोजपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अवधपुरी, चंदवा मोड़ के पास रहने वाले हैं।
वैध आय से 1.49 करोड़ रुपये ज्यादा संपत्ति का आरोप
EOU के अनुसार, जांच में अमित कुमार गुप्ता के पास उनकी ज्ञात वैध आय के स्रोतों से 1,49,58,500 रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिला है। एजेंसी का कहना है कि यह रकम उनकी ज्ञात वैध आय से करीब 148.10 प्रतिशत अधिक है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य संपत्तियों की जांच की जा रही है।
2013 में परिवहन विभाग में हुई थी नियुक्ति
अमित कुमार गुप्ता की वर्ष 2013 में परिवहन विभाग में प्रवर्तन अवर निरीक्षक के रूप में नियुक्ति हुई थी। उनकी पहली तैनाती दालकोला चेक पोस्ट, पूर्णिया में हुई थी। इसके बाद वह मुजफ्फरपुर, छपरा, अररिया और पटना समेत कई जिलों में प्रतिनियुक्त और कार्यरत रहे। EOU अब उनकी सेवा अवधि के दौरान अर्जित संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
घर की तलाशी में नकदी और जमीन के दस्तावेज मिले
EOU के मुताबिक, भोजपुर स्थित निजी आवास की तलाशी में 3 लाख रुपये नकद मिले। इसके अलावा एक इलेक्ट्रिक कार टाटा टियागो भी मिली। एजेंसी को आरा, पटना और छपरा में खुद और परिजनों के नाम पर खरीदे गए 11 भूखंडों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। अवधपुरी में G+3 मकान के अलावा पकड़ी, आरा में 5.1 डिसमिल जमीन पर निर्माणाधीन मकान और पटना की साई वरदान सिटी में एक फ्लैट होने की जानकारी भी मिली है।
नोएडा और दिल्ली की कंपनियों में निवेश के कागजात
तलाशी के दौरान इम्पेरिया इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा और ऐरविल बिजनेस पार्क प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली से जुड़े फ्लैट और जमीन में निवेश के साक्ष्य भी मिलने की बात EOU ने कही है। एजेंसी के अनुसार, विभिन्न बैंकों में कुल 15 खातों से संबंधित पासबुक और चेकबुक की प्रतियां बरामद हुई हैं। इन खातों में मौजूद लाखों रुपये की राशि को फ्रीज कराया गया है।
बैंक लॉकर, शेयर और म्यूचुअल फंड में भी निवेश
EOU के अनुसार, एक बैंक लॉकर का भी पता चला है, जिसकी तलाशी अभी बाकी है। इसके अलावा विभिन्न शेयर और म्यूचुअल फंड में 30 लाख रुपये से अधिक निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) से संबंधित सात दस्तावेज भी मिले हैं। इनमें 10 लाख रुपये से अधिक राशि निवेशित होने की जानकारी सामने आई है। आभूषण खरीदे जाने से जुड़ी दर्जनों रसीदें भी बरामद की गई हैं।
बच्चों की पढ़ाई पर खर्च की भी जांच
जांच एजेंसी के अनुसार, अमित कुमार गुप्ता ने अपने 2 बच्चों की शिक्षा पर भी बड़ी राशि खर्च की है। उनका एक बेटा दार्जिलिंग जिले के एक महंगे आवासीय विद्यालय में पढ़ रहा है, जबकि बेटी कोटा में रहकर NEET की तैयारी कर रही है। EOU इस संबंध में भी अतिरिक्त जानकारी जुटा रही है। एजेंसी का कहना है कि बरामद और जब्त किए गए दस्तावेजों का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है।
आगे और संपत्ति सामने आने की संभावना
EOU के मुताबिक, अब तक हुई तलाशी में सामने आई संपत्तियों के आधार पर आय से अधिक संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। बरामद दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश, जमीन और अन्य संपत्तियों की जांच जारी है। बैंक लॉकर की तलाशी और दस्तावेजों के विस्तृत अध्ययन के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की संभावना है। बता दें कि इससे पहले बिहार में शिक्षा विभाग के अधिकारी के यहां छापेमारी में नोटों के बंडल और लाखों के गहने बरामद हुए थे।
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