1. Hindi News
  2. बिहार
  3. बिहार चुनाव: 'पैसे वालों को तरजीह दी गई', कांग्रेस में टिकट बंटवारे पर मचा बवाल

बिहार चुनाव: 'पैसे वालों को तरजीह दी गई', कांग्रेस में टिकट बंटवारे पर मचा बवाल

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नेताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी ने पैसे वालों को तरजीह दी और जमीनी कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया।

Bihar assembly election, Bihar assembly election 2025, Congress ticket distribution- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT पटना में कांग्रेस के कुछ नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी में टिकट बंटवारे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि टिकट बंटवारे में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई और पैसे वालों को तरजीह दी गई। इस मसले पर शनिवार को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी की स्टेट रिसर्च सेल के प्रमुख आनंद माधव के नेतृत्व में कई नेताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की। यह विवाद कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है, क्योंकि बिहार चुनाव में महागठबंधन के हिस्से के तौर पर पार्टी की अहम भूमिका है।

'जमीनी कार्यकर्ताओं की मेहनत को नजरअंदाज किया'

आनंद माधव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'पार्टी ने टिकट बंटवारे में उन लोगों को प्राथमिकता दी, जिनके पास पैसा है। जमीनी स्तर पर सालों से मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।' उनके साथ गजनंद शाही, छत्रपति तिवारी, नागेंद्र प्रसाद विकल, रंजन सिंह, बच्चू प्रसाद सिंह और बंटी चौधरी भी मौजूद थे। इन नेताओं ने बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम पर टिकट बंटवारे में गलत फैसले लेने का इल्जाम लगाया।

'पार्टी कुछ नेताओं के एजेंटों के चंगुल में'

नाराज नेताओं ने कहा कि यह विवाद सिर्फ टिकट बंटवारे तक सीमित नहीं है। उनका आरोप है कि बिहार कांग्रेस को कुछ नेताओं के 'निजी एजेंटों' ने अपने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने कहा, 'पार्टी की विचारधारा को मानने वाले नेताओं को किनारे किया जा रहा है। यह सिर्फ टिकटों का मसला नहीं, बल्कि पार्टी की साख और सिद्धांतों का सवाल है।' इन नेताओं ने यह भी इल्जाम लगाया कि कुछ नेताओं ने राहुल गांधी के भरोसे का गलत इस्तेमाल किया है। आनंद माधव ने कहा, 'राहुल गांधी ने हमेशा जमीनी कार्यकर्ताओं को ताकत देने की बात की, लेकिन बिहार में उनकी बातों को अनसुना किया गया।'

पार्टी नेतृत्व से जवाब की कोशिश नाकाम

इस मसले पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व को नाराज नेताओं से बात करने और टिकट बंटवारे की प्रक्रिया की समीक्षा करने के लिए कहा गया है। बता दें कि कांग्रेस ने गुरुवार रात को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 48 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। बिहार की 243 सीटों के लिए चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होंगे, जबकि वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी। (PTI इनपुट्स के साथ)