बिहार के हाजीपुर में हुए डबल मर्डर केस की साजिश का पर्दाफाश हो गया है। आर्मी जवान जितेंद्र कुमार और उनके पिता मुनारी राय की गोली मारकर हत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में साजिशकर्ता के रूप में पप्पू कुमार और एक नाबालिग युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश पहले ही तैयार कर ली गई थी और वारदात के बाद आरोपियों को छिपाने में मदद की गई। जानिए क्या है पूरा मामला।
वारदात की जानकारी
बिहार के हाजीपुर में बीते 12 जुलाई को सुबह आर्मी जवान जितेंद्र कुमार और उनके पिता मुनारी राय को रास्ते के विवाद को लेकर पाटीदार जगदीश राय और उनके परिवार वालों ने मिलकर गोली मारकर हत्या कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में 13 जुलाई को हत्यारे जगदीश राय का एनकाउंटर किया था और दोनों पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया था।
गिरफ्तारी के बाद जगदीश राय पुलिस की गाड़ी से एक जवान का हथियार छीन कर पुलिस पर ही फायरिंग करने लगा था। जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसके दोनों पैर में गोली मार दी थी। इसके बाद जगदीश राय को गिरफ्तार कर लिया गया था।
साजिश का खुलासा
इस मामले में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि घटना में साजिशकर्ता के रूप में शामिल पप्पू कुमार और एक नाबालिग युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पुलिस ने बताया कि यह जमीन विवाद पुराना था, लेकिन फौजी जितेंद्र कुमार और उनके पिता मुरारी राय की हत्या की प्लानिंग पहले से तय कर ली गई थी। 10 जुलाई को ही हत्या की साजिश रच ली गई थी। विवाद खत्म करने के लिए फौजी और उनके पिता को रास्ते से हटाने का इंतजार किया जा रहा था। जैसे ही फौजी जितेंद्र कुमार अपने घर लौटे और रास्ते को लेकर विवाद हुआ, जगदीश राय ने बाप-बेटे दोनों को गोली मारकर हत्या कर दी।
पप्पू कुमार की भूमिका
गिरफ्तार पप्पू कुमार को पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया के सामने पेश किया। वह पटना जिला का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, वह हत्या की प्लानिंग और साजिश में शामिल था। घटना को अंजाम देने के बाद हत्यारा जगदीश राय और उसके साथ रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगह पर छिपाकर रखने की जिम्मेदारी पप्पू कुमार की थी।
नाबालिग ने हॉस्टल में छिपाया
पुलिस के मुताबिक, जिस नाबालिग युवक को मीडिया के सामने नहीं लाया गया और न्यायालय में सुपुर्द किया गया, उसके पिता सत्येंद्र राय और हत्यारा जगदीश राय आपस में दोस्त थे। दोनों गांजा तस्करी का कारोबार करते थे और इस मामले में जेल भी जा चुके हैं। इस घटना में नाबालिग युवक भी साजिश में शामिल था। 12 जुलाई को घटना को अंजाम देने के बाद जगदीश राय और उसके साथी को पप्पू राय सीधे हाजीपुर से पटना ले गया। इसके बाद पटना के बॉयज हॉस्टल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां नाबालिग युवक रह रहा था।
पुलिस की कार्रवाई जारी
हाजीपुर पुलिस टीम ने इस मामले में जांच करते हुए साजिशकर्ता पंकज कुमार और नाबालिक युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं पहले से ही एक मुख्य आरोपी जगदीश राय को पुलिस ने एनकाउंटर करके रफ्तार कर लिया, जिसका अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।
(इनपुट- राजा बाबू)
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