पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा हो चुकी है। अब वोटिंग में करीब एक महीने का वक्त बचा है लेकिन बिहार में न तो एनडीए ने और न ही महागठबंधन ने सीट शेयरिंग फाइनल कर उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। एनडीए में जहां चिराग पासवान को सीट बंटवारे पर मनाने की कोशिश हो रही है वहीं केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संस्थापक जीतन राम मांझी दूसरी ओर से मोर्चा खोलकर ज्यादा सीटें अपने पक्ष में लेने की कोशिश कर रहे हैं।
इस बीच उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर अपनी मांग जगजाहिर कर दी है। उन्होंने राष्ट्रकवि दिनकर की कविता के जरिए 15 सीटों की मांग रखी है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में लिखा- “हो न्याय अगर तो आधा दो, यदि उसमें भी कोई बाधा हो, तो दे दो केवल 15 ग्राम, रखो अपनी धरती तमाम, HAM वही ख़ुशी से खाएंगें, परिजन पे असी ना उठाएँगे”
HAM को सम्मानजनक सीटें मिलें
बता दें कि जीतन राम मांझी चुनाव की सुगबुगाहट शुरू होने के बाद से ही अपनी यह बात खुलकर कहते रहे है कि एनडीए में रहते हुए हमारी पार्टी को सम्मानजनक सीटें मिलें। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि स्थापना के 10 वर्ष बाद भी उनकी पार्टी अब तक मान्यता प्राप्त दल का दर्जा हासिल नहीं कर सकी। वे 15 से 20 सीटों की डिमांड करते रहे हैं। अब उन्होंने खुलकर अपनी संख्या को सार्वजनिक तौर पर बता दिया है।
‘करो या मरो’’ की स्थिति
मांझी यह भी कह चुके हैं कि इस बार का विधानसभा चुनाव उनकी पार्टी के लिए ‘‘करो या मरो’’ की स्थिति है, क्योंकि मान्यता प्राप्त पार्टी बनने के लिए 243 सदस्यीय सदन में कम से कम आठ विधायकों की जीत या छह प्रतिशत मतों की जरूरत है।
बता दें कि चुनाव आयोग ने सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। बिहार चुनावों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की अधिकतम कंपनियां सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) से ली जाएंगी, इसके बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) जैसे अन्य बल होंगे।