बिहार के गया के सर्किट हाउस में बुधवार को एसी में ब्लास्ट के बाद अचानक भीषण आग लग गई। घटना सर्किट हाउस के कमरा नंबर तीन में हुई। विस्फोट के बाद कमरे में आग और धुएं का गुब्बार उठने लगा, जिससे थोड़ी देर के लिए परिसर में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
बाल बाल बचे विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर
हैरानी की बात यह है कि जिस कमरे में आग लगी, उसके ठीक बगल वाले कमरा नंबर दो में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर मनोज कुमार अपनी पत्नी के साथ ठहरे हुए थे। वे गया में पूजा-पाठ करने आए थे। प्रशासन की ओर से उन्हें पहले कमरा नंबर तीन आवंटित किया गया था, लेकिन उन्होंने अपनी इच्छा से कमरा नंबर दो ले लिया था। इसी फैसले के कारण वे हादसे की चपेट में आने से बच गए। कमरा नंबर तीन में अचानक एसी में ब्लास्ट हुआ और आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही रामपुर थानाध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल की तीन गाड़ियों की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान मनोज कुमार और उनकी पत्नी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर ने क्या कहा
विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर मनोज कुमार ने कहा कि संयोग से उन्हें कमरा नंबर तीन के बदले कमरा नंबर दो मिला था। उन्होंने इसे भगवान की कृपा बताते हुए कहा कि वे और उनके परिवार के सदस्य सुरक्षित हैं। अग्निशमन विभाग के जिला सहायक पदाधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि एसी में ब्लास्ट के कारण कमरे में आग लगी थी। पूरे कमरे में धुआं भर गया था, लेकिन समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। घटना में किसी तरह की जान-माल की क्षति नहीं हुई है। घटना के समय बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार भी सर्किट हाउस में मौजूद थे। हादसे की जानकारी मिलने पर वे मौके पर पहुंचे और विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर से मिलकर उनका हालचाल जाना। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि सर्किट हाउस में न्यायाधीश और राज्यपाल जैसे महत्वपूर्ण लोग ठहरते हैं। ऐसे में एसी में ब्लास्ट के बाद आग लगना गंभीर मामला है। उन्होंने जिला प्रशासन से घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने और वीवीआईपी व्यवस्था में मौजूद खामियों को दूर करने की मांग की।
(Report: Ajit Kumar)