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पटना में कार्तिक पूर्णिमा पर लगा कई किलोमीटर लंबा जाम, तस्वीरें देखकर लोगों को याद आए दिल्ली और गुरुग्राम

कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पटना में गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे AIIMS फ्लाईओवर, दीघा घाट और मरीन ड्राइव पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। ट्रैफिक की स्थिति देखकर लोग दिल्ली-गुरुग्राम की याद करने लगे।

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Image Source : REPORTER INPUT पटना में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर लंबा जाम देखने को मिला है।

पटना: बिहार की राजधानी पटना में बुधवार सुबह से ही भीषण ट्रैफिक जाम लग गया है। पटना के AIIMS फ्लाईओवर पर हजारों गाड़ियां फंसी हुई हैं और कई किलोमीटर लंबी लाइनें लगी हैं। यह जाम AIIMS फ्लाईओवर और दीघा घाट की ओर जाने वाले रास्तों पर सबसे ज्यादा है। मरीन ड्राइव पर भी हजारों गाड़ियां कई घंटों से रुकी हुई हैं। जाम की मुख्य वजह कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। पटना के घाटों पर सुबह से ही लोग गंगा में डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं। इसके अलावा कल पहले फेज में पटना में होने वाली वोटिंग की तैयारियों के चलते भी सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ गई है।

देशभर में मनाई जा रही है कार्तिक पूर्णिमा

AIIMS फ्लाईओवर के आसपास की तस्वीरें देखकर हर कोई हैरान है। जाम की ऐसी तस्वीरें आमतौर पर दिल्ली या गुरुग्राम में दिखती हैं, लेकिन आज पटना में वैसी ही स्थिति बन गई है। बता दें कि देशभर में कार्तिक पूर्णिमा का पर्व आज धूमधाम से मनाया जा रहा है। हरिद्वार से हैदराबाद तक और अयोध्या से उज्जैन तक श्रद्धालुओं का तांता लगा है। हरिद्वार के हर की पौड़ी पर हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान किया। वहीं, शिव की नगरी काशी में आस्था का सैलाब देखने को मिला है। तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही लाखों श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचकर पवित्र स्नान कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। कहते हैं कि गंगा में डुबकी लगाने से पापों का नाश होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

क्या है कार्तिक पूर्णिमा का महत्व?

कार्तिक पूर्णिमा हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जो कार्तिक मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसे देव दीपावाली या त्रिपुरी पूर्णिमा भी कहते हैं। इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था। मान्यता है कि गंगा स्नान से पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष मिलता है। हरिद्वार, काशी, पटना, गढ़ मुक्तेश्वर और प्रयागराज में इस दिन लाखों श्रद्धालु डुबकी लगाते हैं। काशी में घाटों पर इस दिन लाखों दीप जलाए जाते हैं। कार्तिक स्नान का यह समापन दिन है। इस दिन लोग विष्णु, शिव, तुलसी पूजा करते हैं, दीपदान करते हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं।