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नाबालिग बच्ची को कैद से छुड़ाया, चेहरे पर मिले पिटाई के जख्म, 1 साल पहले मां के साथ 2 बेटियों को किया गया था अगवा

सुपौल सदर थाना इलाके में एक नाबालिग बच्ची पिछले 1 साल से एक कमरे में कैद थी, जिसे रिहा कराया गया है। बच्ची का आरोप है कि उसकी बहन और मां के साथ उसे यहां लाया गया। मां को बेचने का भी आरोप लगाया है। मामले में पुलिस जांच कर रही है।

1 साल से कैद में नाबालिक- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV 1 साल से कैद में नाबालिक

सुपौल सदर थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक नाबालिग बच्ची को कथित तौर पर करीब 1 साल तक कमरे में बंद करक रखा गया, जिसे अब रिहा कराया गया है। ये घटना नगर परिषद क्षेत्र के कृष्णापुरी वार्ड-4 की है। बच्ची ने आरोप लगाया है कि उसे लंबे समय तक एक अनजान कमरे में कैद करके रखा गया। उसके साथ लगातार बेरहम तरीके से पिटाई की गई और उसकी मां को बेच दिया। बच्ची के इस गंभीर आरोप के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित बच्ची के पिता मनीष कुमार यादव के मुताबिक,जुलाई 2025 में उनकी पत्नी और दोनों बेटियां अचानक लापता हो गई थीं। उन्होंने पुलिस से शिकायत भी की थी, लेकिन उनका आरोप है कि उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। करीब एक साल बाद बड़ी बेटी किसी तरह कैद से निकलकर अपने घर पहुंची। परिवार ने जब उससे पूछताछ की तो उसने अपनी छोटी बहन के बारे में जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने खोजबीन शुरू की और मंगलवार 30 जून की शाम कृष्णापुरी वार्ड-4 स्थित एक कमरे से छोटी बेटी को बरामद किया।

बच्ची ने लगाए गंभीर आरोप

बरामद नाबालिग बच्ची ने पुलिस और परिजनों के सामने आरोप लगाया कि उसे करीब एक साल तक कमरे में बंद रखा गया और लगातार उसकी बेरहमी से पिटाई की जाती रही। लड़ने ने बताया कि उसकी मां को बेच दिया गया है। बच्ची के इस बयान के बाद पुलिस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लेकर जांच कर रही है।

एक महिला हिरासत में

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने दोनों बच्चियों का बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि बच्चियों के बयान, मिला सबूत और दूसरे तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सदर थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह के निष्कर्ष पर न पहुंचें। उन्होंने कहा कि मामला बेहद संवेदनशील है और हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।

इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं बच्ची के लगाए आरोपों में कितनी सच्चाई है इसकी भी जांच की जा रही है। फिलहाल मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस जांच कर रही है।

 (सुपौल से संत सरोज की रिपोर्ट)