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एक बारिश में नगर निगम की खुली पोल, बेगमपुर मंडई इलाके में पानी भरने से जन-जीवन अस्त-व्यस्त

पटना में मानसून की पहली बारिश के बाद ही जल-जमाव की स्थिति पैदा हो गई। जगह-जगह पानी भरने से पब्लिक को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, सड़कों पर जल जमाव होने से पटना नगर निगम की पोल खोल खुल गई।

पटना में जलभराव- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV पटना में जलभराव

बिहार की राजधानी पटना में शनिवार को मानसून की पहली बरसात में ही जल-जमाव की स्थिति पैदा हो गई। एक बारिश ने पटना नगर निगम के दावों और तैयारियों की पूरी तरह से पोल खोल दी है। मामूली बारिश में ही पटना नगर निगम वार्ड संख्या 62 के कई इलाके तालाब बन गए हैं, बाहरी बेगमपुर मंडई इलाके में पानी भरने से आम जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, दूसरी तरफ पटना नगर निगम वार्ड संख्या 68 मथनी तल रेलवे ओवर ब्रिज पुल के नीचे आने जाने वाले रास्ते में जल जमाव् होने से इलाके में रहने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि मामूली बारिश होने से ही पानी भर जाता है। सरकार विकास का वादा करती है लेकिन धरातल पर नजर नहीं आता है, फिलहाल पटना नगर निगम ने जल जमाव निकासी के लिए दो वाटर पंप लगा दिए हैं इसके बावजूद भी जल जमाव की परेशानी से पब्लिक को दो-चार होना पड़ रहा है।

जल-भराव से नगर निगम की खुली पोल

दरअसल मानसून से पहले चलने वाले सफाई अभियान के दावे कागजों तक ही सीमित रह जाते हैं और नालियों के चोक होने से पानी की निकासी नहीं होती। वहीं शहर के कई हिस्सों में नालों की गलत बनावट और बिना योजना के हुए निर्माण के कारण जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है। नागरिकों को भारी बारिश के दौरान अक्सर घुटने तक भरे पानी में चलने और यातायात की भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बावजूद इसके इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं।

स्थानीय लोगों को हर साल झेलनी पड़ती है परेशानी 

अब बारिश के बाद की स्थिति से निपटने के लिए निगम द्वारा क्विक रिस्पॉन्स टीमें (QRT) और डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था का दावा किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर स्थाई समाधान न होने से लोगों का गुस्सा लगातार फूटता रहता है। हर साल लोगों को इस तरह के जल-भराव की समस्या का सामना करना पड़ता है। जिससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है।

इनपुट: बिट्टू कुमार (पटना)