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पटना: अनुष्का यादव के पड़ोसी ने की INDIA TV से बात, कहा- 'कई बार तेज प्रताप को घर आते देखा'

तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। इस बीच अनुष्का यादव के पड़ोसी ने INDIA TV से बात की है।

Anushka Yadav- India TV Hindi
Image Source : FILE अनुष्का यादव और तेज प्रताप

पटना: लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव के अफेयर का मामला चर्चा में है। इस बीच अनु्ष्का यादव के पड़ोसी अनिल कुमार ने इंडिया टीवी से बात की है। अनिल ने बताया कि उन्होंने कई बार देखा है कि तेज प्रताप, अनुष्का यादव के घर आते थे।

अनिल कुमार ने बताया कि कुछ साल पहले तक ये सिलसिला लगातार चला और सब पड़ोसी इस बात को जानते हैं। अनुष्का यादव का घर पटना के बिहारी साव लेन में है। 

अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने भी इंडिया टीवी से की बात

अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने इंडिया टीवी से नई बातचीत में कहा, 'लालू प्रसाद यादव का परिवार उनके परिवार का चरित्र हनन कर रहा है। कुछ महीने पहले लालू प्रसाद के भतीजे नागेंद्र ने उनके पिता पर हमला भी किया था, जिसकी वह FIR दर्ज करवा चुके हैं। अनुष्का यादव घर पर ही हैं। इस पूरे प्रकरण के बाद उनकी तबीयत बिगड़ रही है। हमें धमकियां दी जा रही हैं।'

उन्होंने कहा, 'जब तक तेज प्रताप इस मामले में चुप्पी नहीं तोड़ेंगे, तब तक अनुष्का यादव भी नहीं बोलेंगी। तेज प्रताप को लालू प्रसाद यादव का परिवार चरित्रहीन और कैरक्टरलेस साबित करने पर तुला हुआ है। इसीलिए अलग-अलग लड़कियों का नाम उनके साथ जोड़ा जाता है और उन्हें पागल और जोकर बताया जाता है।'

तेज को पार्टी से बाहर कर चुके हैं लालू

लालू यादव ने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी से निकालने की जानकारी देते हुए कहा था "निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अवहेलना करना हमारे सामाजिक न्याय के लिए सामूहिक संघर्ष को कमजोर करता है। ज्येष्ठ पुत्र की गतिविधि, लोक आचरण तथा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है। अतएव उपरोक्त परिस्थितियों के चलते उसे पार्टी और परिवार से दूर करता हूं। अब से पार्टी और परिवार में उसकी किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं रहेगी। उसे पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया जाता है। अपने निजी जीवन का भला -बुरा और गुण-दोष देखने में वह स्वयं सक्षम है। उससे जो भी लोग संबंध रखेंगे वो स्वविवेक से निर्णय लें। लोकजीवन में लोकलाज का सदैव हिमायती रहा हूं। परिवार के आज्ञाकारी सदस्यों ने सावर्जनिक जीवन में इसी विचार को अंगीकार कर अनुसरण किया है। धन्यवाद।"