बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बेटे और पूर्व विधायक तेज प्रताप यादव को बिहार पुलिस मॉल से उठा ले गई। वह पटना में एक मॉल में घूम रहे थे। इसी दौरान पुलिस अधिकारी वहां पहुंचे और तेज प्रताप यादव को अपने साथ ले गए। सूत्रों के अनुसार उन्हें नौबतपुर थाने में रखा गया। इसके बाद देर रात उन्हें छज्जूबाग लाया गया, जहां जजों के आवास हैं। मॉल से उठाए जाने से कुछ घंटे पहले ही तेज प्रताप यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से बिहार आने की अपील की थी। उन्होंने एक पत्रकार से बातचीत के दौरान पीएम मोदी का इस्तीफा भी मांगा था।
तेजप्रताप यादव के समर्थकों ने पटना पुलिस पर आरोप लगाया है कि तेजप्रताप यादव के बारे मे कोई जानकारी नहीं दी जा रही है और किस आरोप मे पुलिस ने उन्हें थाने मे रखा है, ये भी नहीं बताया जा रहा है। शनिवार के दिन पटना में छात्रों ने पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में मार्च निकाला था। इस मार्च में भी तेज प्रताप यादव शामिल हुए थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर छोड़ दिया था।
रामगुलाम चौक में प्रदर्शन में शामिल हुए थे तेज प्रताप
पटना में रामगुलाम चौक/गांधी मैदान क्षेत्र में छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इसमें प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ तेज प्रताप यादव भी शामिल हुए थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और पुलिस वाहन में ले गई। हिरासत में लेते समय उन्होंने कहा, "मैं छात्रों और युवाओं के साथ खड़ा हूं और उनके लिए मरने को तैयार हूं।” इस प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर छात्रों और पुलिस के बीच टकराव भी हुआ था। हालांकि, कुछ देर बाद तेज प्रताप को छोड़ दिया गया और वह मॉल घूमने चले गए। इसके बाद पुलिस उन्हें नौबतपुर थाने ले गई।
अभिजीत दीपके से सम्राट सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील
तेज प्रताप यादव ने शनिवार शाम कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से बिहार आने की अपील की थी। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा, "मैं, तेज प्रताप यादव, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से यह विशेष अपील करता हूं कि वे अविलंब बिहार की धरती पर आएं। बिहार की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए आज एक कड़े और मजबूत जनांदोलन की आवश्यकता है। मैं उनसे आग्रह करता हूं कि वे बिहार आकर यहां की जनता की आवाज़ बनें और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का काम करें। इस परिवर्तन की लड़ाई में मेरी पार्टी जनशक्ति जनता दल और मेरे समर्थकों का पूर्ण और अटूट समर्थन उनके साथ रहेगा। बिहार के बेहतर भविष्य और जनहित के लिए जो भी कड़े कदम उठाने होंगे, उसमें हम कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। देश के करोड़ों युवाओं ने अपने आंदोलन के बदौलत कुम्भकरण की नींद में सो रही मोदी सरकार को जगाया और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए मजबूर किया। पेपर लीक से शुरू हुई लड़ाई, रोजगार तक जाएगी। इसके बाद अब देश में हर गलती की जवाबदेही तय होगी, आंदोलन के विजय की बधाई।"
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