बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। मोतिहारी में उन्होंने कहा कि अब बिहार के छात्रों को JEE और NEET की तैयारी के लिए कोटा जाने की जरूरत कम होगी। इसके लिए पूरे बिहार में 700 सेंटर खोलने का फैसला किया गया है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही सीएम ने कहा कि 2030 से पहले 1 करोड़ नौकरियों और रोजगार का लक्ष्य रखा गया है।
पहले बिहार के लाखों छात्र जाते थे कोटा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पहले बिहार के लाखों बच्चे JEE और NEET की तैयारी के लिए कोटा जाते थे, जबकि वहां पढ़ाने वाले ज्यादातर शिक्षक बिहार के ही होते थे। ऐसे में सरकार ने बिहार में ही बेहतर तैयारी की व्यवस्था करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सिस्टम अब पूरी तरह व्यवस्थित हो चुका है और मॉडल स्कूलों में JEE-NEET की तैयारी भी शुरू हो गई है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि लोग किसी भी मॉडल स्कूल में जाकर वहां का इंफ्रास्ट्रक्चर देख सकते हैं। स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध हैं और छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने पर सरकार का जोर है।
बिहार में बनेंगे दो नए एयरपोर्ट
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार बदल रहा है। राज्य में कई जगहों पर फोर-लेन और टू-लेन सड़कों के साथ एयरपोर्ट बनाने का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि चंपारण क्षेत्र में भी विकास कार्यों को गति दी जा रही है। रक्सौल और वाल्मीकि नगर में दो नए एयरपोर्ट बनाए जाने की योजना है।
2030 से पहले 1 करोड़ लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य
रोजगार के मुद्दे पर सम्राट चौधरी ने कहा कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान सरकार ने 10 लाख सरकारी नौकरियां और 10 लाख रोजगार के अवसर देने का वादा किया था। 2025 के चुनाव से पहले जब इस लक्ष्य की समीक्षा की गई तो सरकार के मुताबिक करीब 50 लाख लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार दिया जा चुका था।
बिहार को बदलने के लिए सरकार कर रही काम
उन्होंने कहा कि इससे उत्साहित होकर सरकार ने अब बड़ा लक्ष्य तय किया है। 2030 से पहले एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार को बदलने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
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