नई दिल्ली: जब भी महंगाई का जिक्र छिड़ता है हमारा ध्यान बरबस खाने पीने की चीजों पर चला जाता है। आम तौर पर रुपए के गिरने और चढ़ने से प्रभावित होने वाली महंगाई हर किसी को प्रभावित करती है फिर वो चाहे देश का वित्त मंत्री हो या विकास की धारा के अंतिम पायदान पर खड़ा कोई आम आदमी। मंहगाई हमारे जीवन के हर पल को प्रभावित करती है फिर वो चाहे हमारी दिनचर्या हो या हमारे शौक। आम आदमी की दुनिया में महंगाई के वो 6 अहम द्वारा होते हैं जिनकी दहलीज पर कभी न कभी उसे जाना ही पड़ता है। तो जानिए आम आदमी की दुनिया में मौजूद मंहगाई के वो 6 अहम द्वार कौन-कौन से हैं।
फूड इन्फ्लेशन (खाद्य महंगाई)-
भोजन की लागत नियमित तौर पर घटती बढ़ती रहती है यह काफी हद तक देश की आर्थिकी पर टिकी होती है। खाद्य महंगाई की मार ऐसी होती है जो हर किसी की जेब पर कुछ न कुछ असर डालती ही है। अगर बीते कुछ सालों की बात करें तो खाने के दाने के लेकर डेयरी उत्पाद और फलों से लेकर सब्जियों के दाम अंधाधुंध रफ्तार से बढ़े हैं। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी डाटा के मुताबिक साल 2015 के अप्रैल महीने में खाद्य महंगाई में 5.11 फीसदी का इजाफा हुआ है।
बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत में खाद्य महंगाई को काबू में रखना काफी मुश्किल काम है क्योंकि भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां की आर्थिकी और कृषि काफी हद तक मानसून पर निर्भर रहती है।
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