1. Hindi News
  2. बिज़नेस
  3. 6 तरह की महंगाई से परेशान होता है भारत का आम आदमी

6 तरह की महंगाई से परेशान होता है भारत का आम आदमी

नई दिल्ली: जब भी महंगाई का जिक्र छिड़ता है हमारा ध्यान बरबस खाने पीने की चीजों पर चला जाता है। आम तौर पर रुपए के गिरने और चढ़ने से प्रभावित होने वाली महंगाई हर किसी

रिटेल इन्फ्लेशन (खुदरा महंगाई)-

भारत के खुदरा बाजार में उपलब्ध हर वस्तु और सेवा पर भी महंगाई की तगड़ी मार पड़ती है। 1 जून से बढ़े सर्विस चार्ज ने आम आदमी की लाइफस्टाइट को काफी हद तक प्रभावित किया है। पहले जो व्यक्ति दिन में 4 से 6 चीजों का नियमित उपभोग करता था वह अब एक या दो चीजों में भी खुश रहने की कोशिश करने लगा है। खुदरा महंगाई को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर तय किया जाता है। इनमें उपभोग की जाने वाली वस्तु और सेवाओं की परख होती है। मौजूदा समय में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक बढ़कर 120.70 के स्तर पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा अप्रैल 2015 का है जबकि मार्च 2015 में यह आंकड़ा 120.20 का था। खाद्य महंगाई की तरह ही खुदरा महंगाई भी आपकी आमदनी और बजट को काफी हद तक प्रभावित करते हैं।

अगली स्लाइड में पढ़ें क्या है महंगाई का अगला द्वार