नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने मोबाइल एप्लीकेशन और अन्य फोन आधारित सेवाएं शुरू की हैं। इससे EPFO के 3.54 करोड़ अंशधारकों, 49.22 लाख पेंशनभोगियों तथा 6.1 लाख नियोक्ताओं को लाभ होगा। श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने हैदराबाद में केंद्रीय न्यासी बोर्ड की आज हुई 208वीं बैठक की पूर्व संध्या पर मोबाइल आधारित इन सेवाओं की शुरूआत की।
श्रम मंत्रालय की आज जारी विज्ञप्ति के अनुसार नई मोबाइल आधारित सेवाएं ईपीएफ अंशधारकों के लिए है। इनमें एक मोबाइल एप्प, एसएमएस आधारित सर्वव्यापी खाता संख्या को चालू करने तथा मिस्ड काल सेवा शामिल हैं। एक बार ईपीएफओ की वेबसाइट से नया मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड कर लेने के बाद सदस्य अपने मोबाइल फोन से यूएएन खातों को सक्रिय कर सकते हैं और वे अपने खातों में मासिक आधार पर योगदान तथा अन्य ब्योरा देख सकेंगे।
जाने क्या है ईपीएफ और पीपीएफ में अंतर
ईपीएफ- पीएफ अकाउंट वह कोष होता है जो नौकरी पेशा लोगों के लिए होता है। इसमें आपका नियोक्ता आपकी सैलरी से कुछ निश्चित अमाउंट काटकर (मौजूदा समय में 12 फीसदी) पीएफ ऑफिस में जमा करा देता है। यह तय रकम सरकार द्वारा निर्धारित होती है और इस तय रकम में नियोक्ता भी अपना हिस्सा (हमारी सीटीसी का हिस्सा) जोड़कर जमा कराता है। इसमें आपके निवेश पर 8.5 फीसदी ब्याज मिलता है। ईपीएफ का पैसा आप अपनी मौजूदा नौकरी छोड़ने के बाद कभी भी निकाल सकते हैं।
पीपीएफ- पब्लिक प्रोविडेंट फंड केंद्र सरकार द्वारा संचिलित एक स्कीम है। यह स्कीम बैंक और पोस्ट ऑफिस द्वारा चलाई जाती है। आप अपनी स्वेच्छा से इसमें अपना खाता खुलवा सकते हैं। ऐसा खाता खुलवाने के लिए जरूरी नहीं कि आप वैतनिक हों। अगर आप बतौर सलाहकार, फ्रीलांसर और संविदा (अनुबंध) के आधार पर काम करते हैं तब भी आप अपना खाता खुलवा सकते हैं। इसमें आपके निवेश पर 8.7 फीसदी ब्याज मिलता है। पीपीएफ का पैसा आमतौर पर 15 साल की मैच्योरिटी के बाद ही निकाला जा सकता है।
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