नई दिल्ली: EPFO के न्यासी एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार करेंगे जिससे तहत अंशदाताओं को सस्ते घर खरीदने के लिए अपने भावी भविष्य निधि योगदान को गिरवी रखने की अनुमति दी जा सकती है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की नीति निर्धारण संस्था केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) EPF अंशधारकों के लिए आवास सुविधा के संबंध में विशेषग्य समिति की रिपोर्ट पर विचार करेगा।
समिति ने सर्वसम्मति से उपभोक्ताओं को घर खरीदने में मदद संबंधी एक योजना की सिफारिश की है जिसके तहत वे मकान खरीदने के लिए अपनी भविष्य निधि से कुछ अग्रिम राशि ले सकेंगे और कोष में भविष्य के अंशदान को कर्ज की मासिक किस्त के भुगतान के लिए कर्जदाता के पास गिरवी रखने की मंजूरी होगी।
प्रस्तावित योजना के तहत अंशदाता, बैंक-आवास एजेंसी और EPFO के बीच त्रिपक्षीय समझौता होगा। समिति का सुझाव है कि इस योजना के तहत अंशदाता बैंक या आवास वित्त कंपनियों से मिले रिण और संपत्ति को गिरवी रखकर घर खरीदेंगे।
इसमें सुझाव दिया गया है कि लाभार्थियों को इस योजना के तहत आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय की योजनाओं के फायदे भी दिए जाएं। हालांकि समिति ने सुझाव दिया कि यह योजना संगठित क्षेत्र में कम आय वाले कामगारों के लिए है जो ईपीएफओ के अंशदाता हैं।
इसके अलावा श्रम मंत्री की अध्यक्षता वाला सीबीटी अपनी बीमा योजना के तहत अधिकतम बीमित राशि बढ़ाकर 5.5 लाख रुपए करने के प्रस्ताव पर भी विचार करेगा जो फिलहाल 3.6 लाख रुपए है। CBT के पास अंतिम सुझाव के लिए भेजने के लिए उपसमिति कल इसकी जांच करेगी।