बरसात का मौसम आते ही हवा में नमी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। यह नमी रसोई में रखs खाद्य पदार्थों, खासकर बेसन और सूजी के लिए सबसे बड़ी दुश्मन साबित होती है। इस मौसम में अक्सर सूजी और बेसन में जाले पड़ जाते हैं, कीड़े लग जाते हैं या फिर वे आपस में चिपककर गांठों में बदल जाते हैं। यह समस्या हर घर में देखने को मिलती है। अगर आप भी हर मानसून में इस समस्या से परेशान होते हैं, तो अब चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। बस कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर और सही तरीके से स्टोर करके आप इन्हें महीनों तक फ्रेश रख सकते हैं। चलिए जानते हैं इन्हें कैसे स्टोर करें।
1. भूनकर रखें
सूजी और बेसन को कीड़ों से बचाने का सबसे पुराना और असरदार तरीका है उन्हें हल्का भून लें। इसके लिए कढ़ाई में सूजी डालें और बिना घी या तेल के धीमी आंच पर 4-5 मिनट तक भूनें। ध्यान रहे कि इसका रंग न बदले, बस इसकी नमी खत्म हो जाए। बेसन को भी इसी तरह 2-3 मिनट के लिए हल्का सा गर्म कर लें। भूनने के बाद इन्हें पूरी तरह ठंडा होने दें और फिर स्टोर करें। गरम-गरम डिब्बे में बंद करने से भाप बनेगी और ये जल्दी खराब हो जाएंगे।
2. एयरटाइट कंटेनर का ही करें इस्तेमाल
बरसात के दिनों में सूजी-बेसन को कभी भी पैकेट में खुला या साधारण डिब्बों में न छोड़ें। हवा लगते ही इनमें नमी आ जाती है। इन्हें हमेशा कांच या अच्छी क्वालिटी के प्लास्टिक के एयरटाइट डिब्बों में ही रखें। डिब्बे का ढक्कन टाइट होना चाहिए ताकि बाहर की सीलन अंदर न जा सके।
3. फ्रिज का स्मार्ट इस्तेमाल
अगर आपकी रसोई में बहुत ज्यादा सीलन रहती है या आपके पास इन्हें भूनने का समय नहीं है, तो सबसे सुरक्षित तरीका है कि आप बेसन और सूजी को एयरटाइट डिब्बे या ज़िप-लॉक बैग में भरकर फ्रिज या फ्रीजर में रख दें। कम तापमान के कारण इनमें महीनों तक न तो कीड़े लगेंगे और न ही ये खराब होंगे।
4. घरेलू उपाय
तेजपत्ता और लौंग: सूजी और बेसन के डिब्बे में 2-3 तेजपत्ता या 4-5 लौंग डाल दें। इससे कीड़े भाग जाएंगे और ये जल्दी खराब भी नहीं होंगे।
सूखी लाल मिर्च: डिब्बे के अंदर में 1-2 खड़ी सूखी लाल मिर्च रख देने से भी कीड़े नहीं लगते।