नई दिल्ली: विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी में अपनी आधी संपत्ति दान करने का फैसला कर लिया है। प्रेमजी गिविंग प्लस से जुड़ने वाले पहले भारतीय है। कंपनी में उनका 73.39 फीसदी हिस्सा है, उसमें से 39 फीसदी उन्होंने दान के लिए अलग कर लिया है। अपना 21 फीसदी हिस्सा वह पहले ही आबंटित कर चुके थे, अब 18 फीसदी और आबंटित किया है। विप्रो के संस्थापक अध्यक्ष ने हाल ही में 9000 करोड़ रुपए शिक्षा के लिए दान किए है।
मार्च 2015 वित्त वर्ष के लिए विप्रो की सालाना रिपोर्ट में प्रेमजी ने कहा कि उन्होंने अपनी कंपनी के शेयर एक ऐसे ट्रस्ट को ट्रांसफर कर दिया है जो कल्याण कार्यों को अंजाम देता है। खासकर यह ट्रास्ट प्राथमिक शिक्षा पर अपना ध्यान केंद्रित किए हुए है।
एक पत्र में प्रेमजी ने लिखा, 'पिछले 15 सालों में मैंने अपने निजी उपकारी कार्य के माध्यम से अपनी आस्था को ऐक्शन में बदलने का हर मुमकिन कोशिश की है। इस अवधि के दौरान मैंने विप्रो में अपनी शेयरहोल्डिंग का एक बड़ा भाग (39 फीसदी) एक ट्रस्ट को ट्रांसफर कर दिया है।' प्रेमजी के करीबी लोग ने भी कहा कि प्रेमजी धीरे-धीरे अपनी दौलत उपकारी कार्यों के लिए ट्रांसफर कर रहे हैं।
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