नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्यत: 1 जून तक केरल पहुंचता, लेकिन इस बार मौसम विभाग का अनुमान है कि यह दो दिन पहले यानी 30 मई को केरल के तट पर दस्तक देगा। इस बार मानसून के कमजोर रहने की आशंका मौसम विभाग की ओर से जताई गई है। वहीं दूसरी ओर दुनिया भर की एजेंसी अलनीनों के खतरे की भी आशंका जता रही हैं। भारत के संदर्भ में अलनीनो का महत्व और भी ज्यादा है। वजह रबी फसल की कटाई से ठीक पहले हुई बेमौसम बारिश से परेशान किसान के सामने अब खरीफ फसलों को बचाने की चुनौती होगी।
दक्षिणी पश्चिमी मानसून पर निर्भर है खरीफ की फसल-
दक्षिणी पश्चिमी मानसून खरीफ की फसल के लिए काफी फायदेमंद होता है। सीधे शब्दों में कहें तो चावल, सोयाबीन, कपास और मक्के जैसे मोटे अनाज वाली फसले इस पर पूरी तरह से निर्भर होती हैं।
आगे की स्लाइड में पढ़ें क्या है दक्षिणी पश्चिमी मानसून