देश में कितने घरेलू नौकर-
विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार देश में करीब 50 लाख डोमेस्टिक वर्कर्स है जिनके योगदान को कई बार आर्थिक आंकड़ों में आंका नहीं जाता। 35 करोड़ अन-ऑर्गनाइज्ड वर्कफोर्स में से करीब 1.5 प्रतिशत डोमेस्टिक वर्कर्स की हिस्सेदारी है। असल में इन वर्कर्स को शहरी इलाकों में घर, बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल के लिए रखा जाता है।
अपॉइंटमेंट लेटर से क्या होगा?
अपॉइंटमेंट लेटर मिलने से इन वर्कर्स की कई शिकायतें जैसे कि वादे से कम वेतन मिलना और लिखित में कुछ न मिलना दूर की जाएंगी। इनके पास बेसिक हेल्थकेयर, साप्ताहिक छुट्टी, मैटरनिटी लीव जैसी सुविधाएं भी नहीं होतीं। कई बार गलत व्यवहार का विरोध करने पर नौकरी से हाथ धोने का भी सामना करना पड़ता है।
जानकारों का कहना है कि डोमेस्टिक वर्कर्स के लिए अपॉइंटमेंट लेटर अनिवार्य किए जाने का काफी विरोध हो सकता है। डोमेस्टिक वर्कर्स से जुड़े कानून देश में मौजूद हैं जैसे कि अन-ऑर्गनाइज्ड सोशल सिक्यॉरिटी ऐक्ट, 2008 और सेक्सुअल हैरसमेंट अगेंस्ट विमेन एट वर्कप्लेस (प्रिवेंशन, प्रॉहिबिशन ऐंड रिड्रेसल) एक्ट, 2013। साथ ही कई राज्यों में मिनिमम वेजेज शेड्यूल भी हैं, जिनका शायद ही पालन किया जाता है।