भारत के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार को दशहरा का त्योहार धूमधाम से मनाया गया है। आपको बता दें कि दशहरा का ये त्योहार अन्याय पर न्याय और बुराई पर अच्छाई की जीत के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन अनेक हिस्सों में रावण दहन भी किया जाता है। अब छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से दशहरा के त्योहार के बाद एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां राम, लक्ष्मण और हनुमान का रूप धारण किए लोग शिकायत लेकर सिविल लाइन थाने पहुंच गए। सामने आई जानकारी के मुताबिक, मामला दशहरा उत्सव के दौरान रावण दहन को लेकर हुए विवाद से जुड़ा हुआ है।
क्यों हुआ पूरा विवाद?
दरअसल, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रावण दहन समिति के सदस्यों ने अपने ही पूर्व सदस्य मनीष राव चौहान उर्फ अंकित सहित अन्य लोगों पर तय समय से पहले रावण दहन करने का आरोप लगाया है। पुलिस के पास दी गई शिकायत के मुताबिक, दशहरा के दिन बिना विधि-विधान और पूजा-पाठ के निर्धारित समय से पहले ही रावण के पुतले का दहन कर दिया गया। इसी घटना को लेकर इनके बीच विवाद की खबर है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
बिलासपुर में रावण दहन समिति ने इस पूरे घटनाक्रम को धार्मिक भावनाओं और धार्मिक सौहार्द को प्रभावित करने की कोशिश बताते हुए सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मनीष राव चौहान उर्फ अंकित सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 196, 299, 324(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। (रिपोर्ट: सिकंदर खान)
आपको बता दें कि इससे पहले छत्तीसगढ़ में दुर्ग के सिविल लाइन स्थित हॉकी ग्राउंड में आयोजित गरबा उत्सव के दौरान भारी हंगामा और बवाल देखने को मिला था। यहां बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने गरबा उत्सव में मुस्लिम युवकों के प्रवेश का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मंच पर जमकर हाथापाई हुई, जिसमें कांग्रेस नेता और पूर्व महापौर और जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 9 नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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